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नासा का ‘रॉक एंड रोल चैलेंज’: ₹1.25 करोड़ जीतने का मौका, डिज़ाइन करें चंद्रयान के लिए अगली पीढ़ी के पहिए

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📍 नई दिल्ली
नासा का ‘रॉक एंड रोल चैलेंज’: ₹1.25 करोड़ जीतने का मौका, डिज़ाइन करें चंद्रयान के लिए अगली पीढ़ी के पहिए
6 अगस्त 2025। अगर आप इंजीनियरिंग, नवाचार या अंतरिक्ष मिशन में रुचि रखते हैं, तो यह मौका आपके लिए है। नासा ने 'रॉक एंड रोल चैलेंज' के नाम से एक नई क्राउडसोर्सिंग प्रतियोगिता शुरू की है, जिसके तहत दुनिया भर के लोग चंद्रयान के लिए अत्याधुनिक पहिए और टायर डिज़ाइन कर सकते हैं।

इस चुनौती का मकसद ऐसे टायर और पहिए विकसित करना है जो चंद्रमा के बेहद कठोर और चुनौतीपूर्ण भूभाग — जिसमें तीखी ढलानें, चट्टानें, गड्ढे और सूक्ष्म घर्षणकारी धूल (रेगोलिथ) शामिल हैं — पर आसानी से और टिकाऊ ढंग से चल सकें। नासा चाहती है कि प्रतिभागी ऐसे डिज़ाइन पेश करें जो हल्के, लचीले, झटके सहने योग्य हों और जिनमें लंबे समय तक संचालन की क्षमता हो।

◼️ $1.5 लाख डॉलर तक का इनाम
इस चुनौती की मेज़बानी हीरोएक्स प्लेटफ़ॉर्म कर रहा है और इसमें $150,000 (करीब ₹1.25 करोड़) तक के पुरस्कार रखे गए हैं। ये पुरस्कार उन बेहतरीन डिज़ाइनों को दिए जाएंगे जो नासा के तकनीकी और प्रदर्शन मानकों पर खरे उतरते हैं।

◼️ अंतरिक्ष की अगली बड़ी छलांग के लिए सहायक
नासा की नजर अब आर्टेमिस मिशन और चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव उपस्थिति सुनिश्चित करने पर है। इसके लिए विश्वसनीय गतिशीलता प्रणालियाँ बेहद जरूरी हैं। पारंपरिक टायर चंद्रमा के माहौल के लिए उपयुक्त नहीं हैं, इसलिए नासा को ऐसे पहियों की जरूरत है जो न सिर्फ कठिन परिस्थितियों में काम करें, बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों और उनके उपकरणों को सुरक्षित मंज़िल तक पहुँचाएँ।

हीरोएक्स वेबसाइट के अनुसार, "कठोर पहिए धीरे-धीरे ड्राइविंग के लिए तो ठीक हैं, लेकिन तेज़ गति पर अवरोधों को पार करते समय वे झटके नहीं सह पाते।" इसलिए प्रतियोगिता में ऐसे पहियों की तलाश है जो कम भार, बेहतर झटका सहनशीलता और कठोर परिस्थितियों में लंबी उम्र जैसी खूबियाँ एक साथ दें।

◼️ फाइनलिस्ट को मिलेगा टेस्टिंग का मौका
प्रतियोगिता इस साल पतझड़ से शुरू होगी। प्रतिभागियों को विस्तृत डिज़ाइन जमा करने होंगे, जिनमें स्थायित्व, चंद्र धूल से सुरक्षा, न्यूनतम रखरखाव और कम वज़न जैसे पहलुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अगले साल चुने गए फाइनलिस्ट को अपने डिज़ाइनों को कृत्रिम चंद्र वातावरण में परीक्षण का मौका मिलेगा। इसके लिए उनके डिज़ाइनों को नासा के माइक्रोचारियट ग्राउंड टेस्ट यूनिट (MCGTU) में 15 मील प्रति घंटे की रफ्तार तक चलाकर परखा जाएगा।

◼️ भविष्य की अंतरिक्ष यात्रा में अहम भूमिका
यह पहिए भविष्य के चंद्र रोवर्स, लूनर ट्रांसपोर्ट व्हीकल्स (LTV), रोबोटिक मिशनों और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले स्वायत्त वाहनों में लगाए जा सकते हैं। न सिर्फ चंद्रमा, बल्कि मंगल जैसे अन्य ग्रहों पर भेजे जाने वाले मिशनों के लिए भी ये डिज़ाइन प्रेरणास्त्रोत बन सकते हैं।

अगर आपके पास नासा के सपनों को साकार करने लायक कोई क्रांतिकारी पहिया डिज़ाइन है, तो यह चुनौती आपके इंतजार में है!
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