🔴 TRENDING NOW!
ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी भारत की अगली रक्षा लड़ाई सिर्फ मिसाइल और लड़ाकू विमानों से नहीं, AI और Cyber Security से भी होगी हाउस ऑफ मैकडॉवेल्स सोडा ने ‘यारी की नई वाइब’ के साथ यारी को दिया नया अंदाज़ कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के सरकारी और रक्षा संस्थानों पर साइबर खतरा, APT36 के नए Malware अभियान से अलर्ट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

ट्रम्प ने डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर नई सख़्ती की चेतावनी दी

👤
prativad
👁 2835 व्यूज
📍 भोपाल
ट्रम्प ने डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर नई सख़्ती की चेतावनी दी
26 अगस्त 2025। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन देशों के ख़िलाफ़ कड़े कदम उठाने की धमकी दी है, जो अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर डिजिटल सेवा कर (DST) या अन्य कड़े डिजिटल नियम लागू करते हैं। ट्रम्प ने सोमवार को साफ़ कहा कि ऐसे देशों पर "महत्वपूर्ण नए टैरिफ" लगाए जा सकते हैं और साथ ही सेमीकंडक्टर निर्यात पर भी रोक लगाई जा सकती है।

डिजिटल सेवा कर, जो अब कई देशों में लागू हैं, का मक़सद बड़ी टेक कंपनियों से अतिरिक्त राजस्व जुटाना है। मगर ट्रम्प का आरोप है कि इस तरह के उपाय दरअसल अमेरिकी कंपनियों—जैसे मेटा, गूगल (अल्फाबेट) और अमेज़न—को निशाना बनाते हैं, जबकि चीनी टेक दिग्गजों को इससे छूट मिलती है।

अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशियल पर लिखते हुए ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अब दुनिया की "गुल्लक" या "दरवाज़े की चटाई" नहीं रहेगा। उन्होंने दोहराया कि वह हर उस देश का विरोध करेंगे जो अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र को नुकसान पहुँचाने या उसके साथ भेदभाव करने की कोशिश करेगा।

इस मुद्दे से अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका है। ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देश पहले से ही अपने डिजिटल कर लागू कर चुके हैं, जबकि यूरोपीय संघ का डिजिटल सेवा अधिनियम तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म पर सख़्त निगरानी की मांग करता है। अमेरिकी प्रशासन इन कदमों को अनुचित मानता रहा है।

जून में भी ट्रम्प प्रशासन ने कनाडा पर दबाव बनाया था और डिजिटल कर लागू करने पर वार्ता रोकने की धमकी दी थी। अंततः ओटावा ने इस कदम को टाल दिया, जिसे व्हाइट हाउस ने "अमेरिकी दबाव की जीत" बताया।

वहीं डिजिटल टैक्स के पक्षधर देशों का कहना है कि अमेज़न जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ स्थानीय उपभोक्ताओं से भारी मुनाफ़ा कमाती हैं, लेकिन कर के रूप में बहुत कम योगदान देती हैं।
Tags :