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डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारत की वैश्विक बढ़त, 23 देशों के साथ हुए एमओयू

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डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारत की वैश्विक बढ़त, 23 देशों के साथ हुए एमओयू
नई दिल्ली 6 फरवरी 2026। भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना यानी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में अपनी वैश्विक मौजूदगी और मजबूत करते हुए 23 देशों के साथ सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन और अनुबंध किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य भारत स्टैक के तहत विकसित डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म्स को साझेदार देशों में अपनाने और लागू करने में सहयोग देना है।

सरकार के अनुसार, ये एमओयू डिजिटल पहचान, डिजिटल भुगतान, डेटा साझा करने और सेवा वितरण जैसे अहम क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। यह पहल भारत की व्यापक डीपीआई कूटनीति का हिस्सा है, जिसके तहत भारत अपने सफल डिजिटल मॉडल को मित्र देशों के साथ साझा कर रहा है।

यूपीआई की वैश्विक मौजूदगी बढ़ी
डिजिटल भुगतान के मोर्चे पर भारत का प्रमुख प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) अब आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है। इनमें यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और क़तर शामिल हैं। यूपीआई की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता ने सीमा पार धन-प्रेषण को आसान बनाया है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है और वैश्विक फिनटेक इकोसिस्टम में भारत की स्थिति को और मजबूत किया है।

डिजिलॉकर के लिए चार देशों से समझौता
डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म डिजिलॉकर को लेकर भारत ने क्यूबा, केन्या, संयुक्त अरब अमीरात और लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे इन देशों में सुरक्षित डिजिटल दस्तावेज़ सेवाओं को अपनाने का रास्ता खुलेगा।

इंडिया स्टैक ग्लोबल और ग्लोबल डीपीआई भंडार
भारत सरकार ने डीपीआई की सफलता को वैश्विक स्तर पर साझा करने के लिए India Stack Global पोर्टल की शुरुआत की है। यह मंच भारत के 18 प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को प्रदर्शित करता है और अन्य देशों को इन्हें अपनाने में मदद करता है।

इसके अलावा, भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान लॉन्च किया गया Global DPI Repository एक वैश्विक नॉलेज प्लेटफॉर्म के रूप में काम कर रहा है, जिसमें भारत सबसे अधिक डीपीआई समाधान साझा करने वाला देश बनकर उभरा है।

भारत के प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म
भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में आधार, यूपीआई, कोविन, एपीआई सेतु, डिजिलॉकर, आरोग्य सेतु, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM), उमंग, दीक्षा, ई-संजीवनी, ई-हॉस्पिटल, ई-ऑफिस, ई-कोर्ट, पोषण ट्रैकर, राष्ट्रीय एनसीडी प्लेटफॉर्म, स्किल इंडिया डिजिटल हब, पीएफएमएस और पीएम गति शक्ति जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

इन डिजिटल समाधानों ने न सिर्फ भारत में शासन और सेवा वितरण को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया है, बल्कि अब वैश्विक स्तर पर भी भारत को डिजिटल गवर्नेंस के एक भरोसेमंद मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
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