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बजट 2026 पेश: इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक पर फोकस, टैक्स में बदलाव नहीं

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 141

नई दिल्ली 1 फरवरी 2026। आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत का आम बजट 2026-27 पेश किया, यह उनका लगातार नौवां बजट और केंद्र सरकार का 15वां बजट है। बजट में विकास, बुनियादी ढांचा और रोजगार पर जोर तो है, लेकिन आम आदमी के लिए सीधे लेज़र-काट छूट अपेक्षित स्तर तक नहीं मिली है।

विकास खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
बजट 2026-27 में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है, जो पिछले साल के बजट से करीब 9 प्रतिशत अधिक है। यह कदम सरकार की लंबी अवधि की विकास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है और आर्थिक गतिविधि को तेज करने में मदद करेगा।

देशव्यापी सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पेश किए गए हैं, जिनका लक्ष्य प्रमुख शहरों को तेजी से जोड़ना और पर्यावरण-अनुकूल यातायात को बढ़ाना है। प्रस्तावित कॉरिडोरों में मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी समेत कई मुख्य मार्ग शामिल हैं।

टैक्स और इनकम टैक्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं
आम नागरिकों के लिए बजट में इनकम टैक्स स्लैब को नहीं बदला गया है। पिछले साल किए गए टैक्स सुधारों को बरकरार रखते हुए इस साल कोई अतिरिक्त राहत नहीं दी गई है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के टैक्सपेयर को सीधी राहत नहीं मिली, जो आलोचकों की नज़र में एक बड़ा नकारात्मक बिंदु है।

टेक्नोलॉजी और विनिर्माण को बढ़ावा
बजट में भारत को ग्लोबल डेटा सेंटर हब बनाने की योजना पर भी ध्यान दिया गया है। टेक कंपनियों को टैक्स छुट जैसी प्रोत्साहन योजनाएं दी जाएंगी जिससे विदेशी निवेश आ सके और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो।

साथ ही India Semiconductor Mission 2.0 लॉन्च किया गया है, जिसमें लगभग ₹40,000 करोड़ का प्रावधान हुआ है ताकि देश में सेमीकंडक्टर और उच्च तकनीक उद्योगों को बढ़ावा मिले। इसका लक्ष्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी मजबूत करना है।

MSME और रोजगार पर नई पहल
बजट में छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को कर्ज, लिक्विडिटी और तकनीकी सहायता देने के लिए नए कार्यक्रमों की घोषणा हुई है। इनमें ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड तथा कई वित्तीय सुविधाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ाना है।

कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य
कृषि क्षेत्र में उत्पादन-आधारित विस्तार योजनाएं पेश की गई हैं। मत्स्य पालन, फलों की पैदावार, पशुपालन तथा उच्च मूल्य की फसलों के लिए सहायता बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बजट बढ़ाया गया है, जिसमें शोध और शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
बजट पेश होते ही राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया भी आई। कुछ विपक्षी नेताओं का कहना है कि बजट “आम आदमी के लिए निराशाजनक” रहा, खासकर बेरोजगार युवाओं और किसानों के लिए पर्याप्त राहत नहीं दी गई। वहीं सरकार का कहना है कि यह बजट आर्थिक मजबूती और दीर्घकालिक विकास की दिशा में संतुलित दस्तावेज़ है।

सार में बजट 2026 विकास-उन्मुख है और पूंजीगत खर्च तथा औद्योगिक प्रोत्साहन पर स्पष्ट जोर देता है। लेकिन कई टैक्स राहतों, खासकर सीधे आम लोगों और मध्यम वर्ग के लिए, अपेक्षित राहत इस बार नहीं मिली। यह बजट आर्थिक वृद्धि का इंजन चलाने के लिहाज से मजबूत है, लेकिन सामाजिक और जमीनी स्तर पर महसूस होने वाली राहत सीमित दिखाई देती है।

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