13 फरवरी 2026। भारत ने रूस से अतिरिक्त S-400 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई दिल्ली की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने करीब 1.1 अरब डॉलर की लागत से 288 मिसाइलों की खरीद के लिए एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी यानी AoN को हरी झंडी दी है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह खरीद रूसी S-400 सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम के लिए होगी। प्रस्तावित सौदे में 120 शॉर्ट रेंज और 168 लॉन्ग रेंज मिसाइलें शामिल हैं। बताया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना इन मिसाइलों की मांग कर रही थी और इन्हें पैंटसिर शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम के साथ एकीकृत किया जाएगा।
Ensuring self-reliance and boosting war-fighting capabilities of the defence forces, the Defence Acquisition Council, under the chairmanship of Raksha Mantri Shri Rajnath Singh, accorded Acceptance of Necessity (AoN) for proposals for modernization and operational needs of the… pic.twitter.com/XuLymAhW3L
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) February 12, 2026
गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में करीब 39 अरब डॉलर के विभिन्न रक्षा सौदों को भी AoN दी है। आधिकारिक बयान में S-400 का नाम नहीं था, लेकिन मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट, राफेल लड़ाकू विमान और एयर शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट जैसे प्लेटफॉर्म का जिक्र किया गया था।
भारत के पास फिलहाल चार S-400 सिस्टम तैनात हैं और इस साल दो और सिस्टम मिलने की उम्मीद है। यह रूसी एयर डिफेंस सिस्टम सशस्त्र ड्रोन और कामिकाजे ड्रोन जैसे खतरों से निपटने में बेहद अहम माना जा रहा है।
मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन सिस्टम की भूमिका को खास तौर पर रेखांकित किया गया था। यह अभियान अप्रैल में जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सैन्य गतिरोध के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम के प्रदर्शन की सराहना की थी। सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि S-400 जैसे प्लेटफॉर्म ने देश की ताकत को काफी बढ़ाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स यह भी इशारा करती हैं कि रूस ने भारत को S-500 सिस्टम के संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव भी दिया है, जिस पर आगे बातचीत हो सकती है।














