🔴 TRENDING NOW!
100 से ज्यादा बच्चों में बंटेगी Telegram CEO की अरबों डॉलर की संपत्ति, पावेल ड्यूरोव का बड़ा फैसला भोपाल प्लांट बना LAPP इंडिया का दुनिया में सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बच्चों को सोशल मीडिया की लत लगाने के आरोप में मेटा ने किया 18 अरब डॉलर का समझौता नेपाल में फंसे अपने लोगों के साथ खड़ी एमपी सरकार, सीएम डॉ. मोहन ने स्थापित कराया कंट्रोल रूम सीएम डॉ. मोहन और राजनाथ सिंह ने किया रक्षा के नए प्रोजेक्ट का शुभारंभ, सेना को मजबूत करने में MP निभाएगा बड़ा रोल ममता खेड़े की पुस्तक 'लोकावतरण" हुई लोकार्पित लाड़ली बहनों ने भैया सीएम डॉ. मोहन को बांधी राखी, भावुक हो गए सब, आपको इमोशन से भर देंगे ये पल दुनिया में घटती जन्मदर का बढ़ता खतरा, एक पीढ़ी में शुरू हो सकती है आबादी में गिरावट सीएम डॉ. मोहन ने किया गोदरेज की चौथी यूनिट का शुभारंभ, भिंड में तैयार प्रोडक्ट पूरे देश में होंगे सप्लाई बाबा महाकाल की कृपा से सिंहस्थ-2028 का आयोजन भव्य और दिव्य होगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चीन-रूस की कथित रणनीति में स्टारलिंक नेटवर्क को निशाना बनाने की योजना, रिपोर्ट में बड़े दावे

👤
prativad
👁 1184 व्यूज
📍 भोपाल
चीन-रूस की कथित रणनीति में स्टारलिंक नेटवर्क को निशाना बनाने की योजना, रिपोर्ट में बड़े दावे
13 जुलाई 2026। चीन और रूस कथित तौर पर स्पेसएक्स के स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर काम कर रहे हैं। एक स्वतंत्र मीडिया जांच में दावा किया गया है कि दोनों देश कानूनी, इलेक्ट्रॉनिक और साइबर उपायों के साथ-साथ कम लागत वाले हथियारों का उपयोग कर स्टारलिंक नेटवर्क को कमजोर या निष्क्रिय करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

स्वतंत्र मीडिया आउटलेट The Insider ने Der Spiegel और Le Monde के साथ मिलकर की गई जांच में दावा किया है कि नवंबर 2023 में चीन के ग्वांगझू में आयोजित तीसरे चीन-रूस सैन्य-तकनीकी सहयोग फोरम के दौरान प्रस्तुत कुछ गोपनीय स्लाइड्स हासिल हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये प्रस्तुतियां चीन की सरकारी एयरोस्पेस कंपनी China Aerospace Science and Technology Corporation (CASC) के दो शोधकर्ताओं ने दी थीं।

स्टारलिंक को बताया रणनीतिक चुनौती

रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने स्टारलिंक को चीन और रूस के लिए एक रणनीतिक चुनौती बताया है। उनका तर्क है कि लो-अर्थ ऑर्बिट में बड़ी संख्या में स्टारलिंक सैटेलाइट्स की मौजूदगी अंतरिक्ष संसाधनों और रेडियो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम पर दबाव बढ़ा रही है, जिससे अन्य देशों के लिए प्रतिस्पर्धा कठिन हो रही है।

जांच में कहा गया है कि इसी तर्क के आधार पर चीन और रूस किसी भी संभावित कार्रवाई को आक्रामक कदम के बजाय आत्मरक्षा के रूप में पेश करने की कोशिश कर सकते हैं।

तीन चरणों वाली कथित रणनीति

रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित रणनीति को तीन चरणों में बांटा गया है।

पहला चरण कानूनी और कूटनीतिक दबाव का है। इसमें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाने की बात कही गई है कि बड़ी संख्या में स्टारलिंक सैटेलाइट्स के कारण लो-अर्थ ऑर्बिट में टकराव का खतरा बढ़ रहा है।

दूसरे चरण में स्टारलिंक के विस्तार को सीमित करने के उपाय सुझाए गए हैं। इसमें महत्वपूर्ण ऑर्बिटल स्लॉट और रेडियो फ्रीक्वेंसी बैंड के लिए समन्वित दावे करने के साथ कुछ क्षेत्रों में संयुक्त इलेक्ट्रोमैग्नेटिक जैमिंग सिस्टम के जरिए स्टारलिंक सेवाओं को बाधित करने का प्रस्ताव शामिल बताया गया है।

तीसरे चरण में नेटवर्क पर साइबर हमले और सैटेलाइट्स को भौतिक रूप से निशाना बनाने की चर्चा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में एक्सेस स्पूफिंग, वायरस संक्रमण और एंड-यूजर टर्मिनलों के जरिए मैलवेयर फैलाकर पूरे नेटवर्क को प्रभावित करने जैसे साइबर हमलों का उल्लेख है। इसके अलावा कुछ अनिर्दिष्ट "कम लागत वाले" हथियारों से सैटेलाइट्स को नष्ट करने का भी सुझाव दिया गया है।

यूक्रेन युद्ध में अहम भूमिका निभा रहा है स्टारलिंक

स्पेसएक्स ने 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के कुछ सप्ताह बाद यूक्रेन में स्टारलिंक ब्रॉडबैंड सेवा शुरू की थी। तब से यह नेटवर्क यूक्रेनी सेना और नागरिक संचार व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, इसका उपयोग ड्रोन संचालन और युद्धक्षेत्र में संचार बनाए रखने के लिए भी किया जा रहा है।

तैयारियों के संकेत मिलने का दावा

The Insider की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस दिशा में कुछ तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। इसमें कहा गया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से जुड़े दस्तावेजों में लेजर हथियारों और एंटी-सैटेलाइट मिसाइलों के संभावित उपयोग पर चर्चा की गई है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि चीनी मीडिया के अनुसार, नॉर्थवेस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने जमीन से संचालित होने वाला एक उच्च-शक्ति माइक्रोवेव हथियार विकसित किया है, जो लो-अर्थ ऑर्बिट में मौजूद सैटेलाइट्स को निशाना बनाने में सक्षम हो सकता है।

स्टारलिंक नेटवर्क लगातार बढ़ रहा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्टारलिंक नेटवर्क में फिलहाल 10,000 से अधिक सक्रिय सैटेलाइट शामिल हैं। वहीं, स्पेसएक्स भविष्य में अपने सैटेलाइट नेटवर्क का और विस्तार करने की योजना पर काम कर रहा है। बढ़ती सैटेलाइट संख्या को लेकर अंतरिक्ष यातायात, ऑर्बिटल भीड़ और प्रकाश प्रदूषण जैसी चिंताएं भी लगातार उठाई जा रही हैं।

नोट: इस रिपोर्ट में किए गए दावे मुख्य रूप से The Insider, Der Spiegel और Le Monde की संयुक्त जांच पर आधारित हैं। चीन, रूस, स्पेसएक्स या स्टारलिंक की ओर से इन दावों पर आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
Tags :