मप्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 342

Bhopal: 26 अगस्त 2021। देश का पहला राज्य बना मप्र, CM ने कहा- स्टेट रिसर्च एंड नॉलेज फाउंडेशन बनेगा, इंडस्ट्रीज को हायर एज्युकेशन से जोड़ेंगे
MP में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू हो गई है। भोपाल के मिंटो हॉल में गुरुवार को राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई शिक्षा नीति का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है। CM ने नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी राज्य शोध एवं ज्ञान फाउंडेशन बनाने की घोषणा की है।

गुरुवार सुबह मिंटो हॉल में कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगूभाई पटेल थे, जबकि अध्यक्षता CM शिवराज सिंह चौहान ने की। विशिष्ठ अतिथि उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव थे। राज्यपाल ने कहा कि अंग्रेजों से पहले भी तक्षशिक्षा और नालंदा जैसी विद्यापीठ थी। पहले इन विद्यापीठों में दुनियाभर से लोग पढ़ने आते थे। ऐसे देश में नई शिक्षा नीति लागू हुई है, जो मप्र की शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की की बड़ी वजह बनेगी। राज्यपाल ने कौशल, उन्नयन बढ़ाने के लिए उद्योगों के साथ साझेदारी करने, ऑनलाइन शिक्षा, तकनीकी आदि पर भी जोर दिया।
कृषि, उद्योगों को भी जोड़ेंगे विवि
प्रदेश के विश्वविद्यालय कृषि और उद्योगों को भी जोड़ेंगे। ताकि इनमें भी विद्यार्थी कैरियर बना सके। CM शिवराज सिंह चौहान ने सभी कुलपतियों से कहा कि वे कृषि और उद्योगों को जोड़कर बच्चों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। विवि की मदद से राज्य शोध एवं ज्ञान फाउंडेशन बनाया जाएगा। इसमें विद्यार्थी अपने ज्ञान को शेयर कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नई नीति अब हंसते-खेलते और मुस्कुराते हुए ज्ञान बढ़ाएगी। यह नीति विद्यार्थियों का स्वभाविक विकास करेगी। कुलपति क्रिएटिव भूमिका निभाएं। एक-दूसरे विश्वविद्यालय से भी जुड़े। कॉलेजों में निरीक्षण करें और मूल्यांकन कर मार्गदर्शन दें। यूनिवसिर्टी अब शोध के सेंटर हो।
सकल पंजीयक ने छलांग लगाई

उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मप्र का सकल पंजीयक पहले पिछड़ा हुआ था। अब हमने चार छलांग लगाई है। पहले 21.2 पर थे। अब इसी सत्र में 24.7 पर पहुंच गए हैं। सकल पंजीयक राष्ट्रीय औसत से भी आगे निकल जाएगा। नई शिक्षा नीति के माध्यम से हमने सभी क्रांतिकारी और महापुरुषों को योग्य स्थान देने का प्रयास किया है।

रिसर्च करने वाले स्टूडेंट हुए पुरस्कृत

कार्यक्रम में विभिन्न यूनिवर्सिटी में पढ़कर रिसर्च करने वाले स्टूडेंड पुरस्कृत भी हुए। विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन, अपर आयुक्त चंद्रशेखर वाल्मबे समेत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षा से जुड़े जानकार भी मौजूद थे।

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