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दावोस में एलन मस्क का बड़ा दावा: AI और रोबोट्स से बदलेगा दुनिया का पावर बैलेंस

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 188

दावोस, स्विट्ज़रलैंड | वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में पहली बार आधिकारिक रूप से शामिल हुए टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा और भविष्य की अर्थव्यवस्था को लेकर कई तेज़ और दूर तक असर डालने वाले बयान दिए। मस्क का साफ संदेश था: दुनिया अब “कमी” से “प्रचुरता” की ओर बढ़ रही है, और इसकी सबसे बड़ी वजह AI और रोबोटिक्स होंगे।

मस्क ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रफ्तार इतनी तेज़ है कि यह बहुत जल्द इंसानों से अधिक स्मार्ट हो सकता है। उनके मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में AI सामूहिक रूप से पूरी मानव बुद्धि से भी आगे निकल सकता है। हालांकि उन्होंने इसे डर का कारण नहीं, बल्कि अवसर बताया। मस्क का कहना था कि अगर AI और ह्यूमनॉइड रोबोट्स का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो उत्पादकता कई गुना बढ़ सकती है, श्रम की कमी दूर हो सकती है और गरीबी जैसी समस्याओं को भी खत्म किया जा सकता है।

रोबोट्स को लेकर मस्क ने दावा किया कि भविष्य में रोबोट्स की संख्या इंसानों से ज़्यादा हो सकती है। उन्होंने बताया कि टेस्ला के “ऑप्टिमस” ह्यूमनॉइड रोबोट्स का परीक्षण फैक्ट्रियों में चल रहा है और आने वाले एक-दो साल में ये आम लोगों के लिए भी उपलब्ध हो सकते हैं। मस्क के अनुसार, भविष्य की अर्थव्यवस्था का असली इंजन होगा: कितने रोबोट्स काम कर रहे हैं और वे कितने सक्षम हैं।

ऊर्जा के मुद्दे पर मस्क ने अमेरिकी नीतियों पर भी सीधी बात कही। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल्स पर ऊंचे टैरिफ साफ ऊर्जा के विस्तार में बाधा बन रहे हैं, जबकि AI के बढ़ते इस्तेमाल के लिए सस्ती और प्रचुर बिजली सबसे बड़ी जरूरत है। मस्क का तर्क था कि आने वाले समय में कंप्यूटिंग पावर से ज्यादा अहम बिजली होगी, और इसमें सोलर एनर्जी की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।

स्पेस सेक्टर पर बोलते हुए मस्क ने एक बार फिर इंसानी सभ्यता को पृथ्वी से बाहर फैलाने की अपनी सोच दोहराई। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष तक पहुंच सस्ती और आसान बनाना जरूरी है, ताकि मानवता किसी भी वैश्विक या प्राकृतिक संकट से खुद को सुरक्षित रख सके। उन्होंने अंतरिक्ष में सोलर-पावर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स की संभावनाओं का भी जिक्र किया।

WEF सत्र के अंत में मस्क के एक बयान ने खास ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, “निराशावादी होकर सही होने से बेहतर है कि आशावादी होकर गलत साबित हो जाएं।” यह लाइन दावोस 2026 की सबसे चर्चित टिप्पणियों में शामिल रही।

कुल मिलाकर, एलन मस्क का दावोस भाषण जोखिम की जगह संभावना पर केंद्रित था। उनका संदेश साफ था: अगर सरकारें और उद्योग सही फैसले लें, तो AI और तकनीक मानवता के लिए संकट नहीं, बल्कि अब तक का सबसे बड़ा अवसर साबित हो सकती है।

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