23 जनवरी 2026। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की अब युद्ध खत्म करने के लिए समझौते के मूड में हैं। समस्या वही पुरानी है। इलाके को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है और यहीं बातचीत अटक जाती है।
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि एक दौर ऐसा था जब दोनों पक्ष कूटनीतिक समाधान से दूर दिखते थे, लेकिन अब हालात बदले हैं। उनके मुताबिक दोनों नेता “डील करना चाहते हैं”, मगर जमीन का सवाल सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है। ट्रंप ने इसे जटिल बताते हुए कहा कि सीमाओं में सड़कें, नदियां और कई व्यावहारिक पहलू जुड़े हैं, इसलिए समाधान आसान नहीं है।
रूस का रुख साफ है। मॉस्को का कहना है कि स्थायी शांति तभी संभव है जब यूक्रेन डोनेट्स्क, लुगांस्क, खेरसॉन और ज़ापोरोज़े से पीछे हटे। रूस इन क्षेत्रों को 2022 के जनमत संग्रह के बाद अपना हिस्सा मानता है। इसके साथ ही वह यूक्रेन से तटस्थता, गैर सैन्यीकरण और तथाकथित गैर नाजीकरण की मांग भी करता है।
दूसरी ओर ज़ेलेंस्की किसी भी तरह की क्षेत्रीय रियायत को लगातार खारिज करते आ रहे हैं। इसी महीने ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि शांति समझौते की राह में यूक्रेन ज्यादा अड़चन डाल रहा है और कीव, मॉस्को की तुलना में कम लचीला दिखता है।
इस बीच ट्रंप ने संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिका, रूस और यूक्रेन की संभावित त्रिपक्षीय बैठक का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बातचीत हमेशा मददगार होती है।
ट्रंप की ये टिप्पणियां मॉस्को में पुतिन और एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की देर रात हुई बैठक के बाद आईं। इस बैठक में ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल थे। क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने चर्चा को ठोस और रचनात्मक बताया, लेकिन यह भी साफ किया कि असली फैसला इलाके के मुद्दे पर निर्भर करेगा।
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान हुई ट्रंप ज़ेलेंस्की मुलाकात में भी यही तस्वीर सामने आई। ज़ेलेंस्की ने माना कि क्षेत्रीय सवाल अब भी अनसुलझा है और यूएई में संभावित बैठक को समाधान तलाशने का एक मौका बताया। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, यूक्रेन युद्ध के बाद की आर्थिक रिकवरी और सुरक्षा पर समझौते की उम्मीद कर रहा था, लेकिन बिना किसी ठोस डील के बातचीत खत्म हो गई।














