19 फरवरी 2026। अरबपति उद्योगपति Bill Gates ने भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में अपनी निर्धारित कीनोट स्पीच रद्द कर दी है। यह फैसला उस समय आया जब मरहूम सेक्स अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े उनके पुराने संबंधों को लेकर एक बार फिर विवाद तेज हो गया।
गेट्स कुछ दिन पहले ही भारत पहुंचे थे और अपने फाउंडेशन की परियोजनाओं पर चर्चा के लिए आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। शुरुआत में अटकलें लगीं कि वह कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे, हालांकि Bill & Melinda Gates Foundation ने पहले स्पष्ट किया था कि वह समिट में बोलेंगे। बाद में फाउंडेशन ने बयान बदलते हुए कहा कि समिट की प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए गेट्स कीनोट संबोधन नहीं देंगे।
एपस्टीन फाइल्स से बढ़ा दबाव
हाल में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी तथाकथित “एपस्टीन फाइल्स” में लाखों पन्नों के दस्तावेज, हजारों वीडियो और बड़ी संख्या में तस्वीरें शामिल हैं। इन दस्तावेजों में एपस्टीन और कई प्रभावशाली हस्तियों के कथित संपर्कों का जिक्र किया गया है। इनमें Bill Clinton और Peter Mandelson जैसे नाम भी सामने आए हैं।
गेट्स के प्रवक्ता ने फाइलों में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और असत्य बताया है। गेट्स पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि एपस्टीन से जुड़ाव उन्हें “अफसोसजनक” लगता है।
भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया
दिल्ली में आयोजित एआई समिट में गेट्स के संभावित संबोधन को लेकर कुछ विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। उन पर भारत को अपनी शोध गतिविधियों के लिए प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए।
समिट में गेट्स की जगह उनके फाउंडेशन के अफ्रीका और इंडिया ऑफिस के अध्यक्ष अंकुर वोरा ने हिस्सा लिया।
पीएम मोदी का एआई पर फोकस
कार्यक्रम के दौरान Narendra Modi ने कंपनियों से एआई मॉडल विकसित करते समय बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जैसे स्कूल का पाठ्यक्रम सावधानी से तैयार किया जाता है, वैसे ही एआई स्पेस को भी परिवार और बच्चों के लिए सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।
फाउंडेशन की सफाई
गेट्स फाउंडेशन का कहना है कि वह वैश्विक स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में एआई के उपयोग पर निवेश बढ़ा रहा है। फोकस खासकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और गरीबी कम करने पर है।
फिलहाल, गेट्स का कीनोट रद्द होना इस बात का संकेत है कि एपस्टीन से जुड़ा विवाद अब भी उनकी सार्वजनिक छवि को प्रभावित कर रहा है।














