1 जनवरी 2026। ईरान में गहराते राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सरकार के आदेश पर बुधवार को लगाए गए बंद के चलते देश का बड़ा हिस्सा ठप रहा। कारोबार, विश्वविद्यालय और सरकारी दफ्तर बंद रहे, जबकि कई शहरों में सड़कों पर आक्रोश साफ दिखाई दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल और पीपल्स मुजाहिदीन ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान (MEK) द्वारा साझा किए गए वीडियो में शिराज, इस्फ़हान, करमानशाह और राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें दिख रही हैं। फुटेज में लोग सरकार विरोधी नारे लगाते हुए भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षाबलों का सामना करते नजर आ रहे हैं।
कई वीडियो में गोलियों की आवाज़, चीख-पुकार और अफरातफरी के दृश्य हैं। प्रदर्शनकारी “तानाशाह मुर्दाबाद” और “शर्म करो” जैसे नारे लगाते दिखे। MEK के अनुसार, कई स्थानों पर भीड़ ने सीधे सुप्रीम लीडर को निशाना बनाते हुए “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे लगाए।
दक्षिण-मध्य ईरान के फासा शहर से सामने आए दृश्य सबसे ज्यादा चौंकाने वाले रहे। वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी एक सरकारी परिसर के मुख्य गेट पर पत्थर फेंकते और उसे जोर-जोर से हिलाते दिख रहे हैं, जिसके बाद गेट खुल गया। विपक्षी समूहों का दावा है कि इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर के कार्यालय में घुसने की कोशिश की, जिस पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गोलीबारी की। यह जानकारी रॉयटर्स के हवाले से सामने आई है।
स्थिति पर काबू पाने के लिए कई इलाकों में सैन्य हेलीकॉप्टर उड़ते देखे गए। माना जा रहा है कि इसका मकसद लोगों में डर पैदा करना और अशांति को फैलने से रोकना था।
पश्चिमी ईरान के करमानशाह में भी तनावपूर्ण हालात रहे। वहां बाजार के व्यापारियों ने सुरक्षा बलों का सामना करते हुए “बेईमान, बेईमान” के नारे लगाए। तेहरान में भी बाजार केंद्रित विरोध प्रदर्शनों की खबरें हैं, जो सत्ता के लिए चिंता का बड़ा संकेत मानी जा रही हैं।
एक दिन के बंद का असर ईरान के 31 में से 21 प्रांतों में देखा गया, जिसमें तेहरान भी शामिल है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन बढ़ती महंगाई, मुद्रा की गिरती हालत और जीवन स्तर में आई तेज गिरावट से उपजे जनआक्रोश को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात हाथ से फिसलते नजर आ रहे हैं।
देशभर में लगातार चौथे दिन प्रदर्शन, हड़ताल और सुरक्षा बलों के साथ झड़पें जारी रहीं। इसी बीच शीर्ष स्तर पर हुए नेतृत्व परिवर्तनों ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
बुधवार को राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने मोहम्मद रज़ा फ़र्ज़िन के इस्तीफे के बाद पूर्व अर्थव्यवस्था मंत्री अब्दोलनासर हेम्मती को ईरान के केंद्रीय बैंक का नया गवर्नर नियुक्त किया। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि यह जिम्मेदारी “बेहद मुश्किल और जटिल” है और मौजूदा आर्थिक उथल-पुथल में नए केंद्रीय बैंक प्रमुख को भारी दबाव और आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा।
इसके अलावा, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने IRGC ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का डिप्टी कमांडर-इन-चीफ नियुक्त करने की घोषणा की है।
कुल मिलाकर, ईरान इस वक्त राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और सड़कों पर फूटते गुस्से के खतरनाक मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है।














