🔴 TRENDING NOW!
भीम ऐप की ‘मीठी दिवाली 2026’ पहल, हर 7वें ट्रांजैक्शन पर बच्चों की शिक्षा में मिलेगी मदद पेट्रोकेमिकल्स, फर्टिलाइजर्स और दवा निर्माण में मप्र में अनेक अवसर, निवेशकों को सुविधा, साथ और सहयोग भी देगी हमारी सरकार - मुख्यमंत्री डॉ. यादव OpenAI के AI एजेंटों की करतूत! सुरक्षा अलर्ट बंद किए, मॉनिटरिंग सिस्टम भी हटाया कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के उपयोग पर लगायें सख्ती से अंकुश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन विश्वास अभियान के दौरान सभी अधिकारी फील्ड में रहकर जन समस्याओं का करें निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 100 मिनट में 100% सब्सक्राइब, देश के सबसे बड़े जियो IPO की धमाकेदार ओपनिंग “हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प होता है”: अक्षय कुमार भारत स्वस्तिक यात्रा की जम्मू स्थित रघुनाथ मंदिर में राम कथा में भगवान श्रीराम की विरासत और जम्मू-कश्मीर की आध्यात्मिक एकात्मता पर प्रकाश विद्या मालवडे की ‘स्कैम 2024’ खोलेगी डिजिटल अरेस्ट का डरावना सच जापान का ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन: मंगल के चंद्रमा फोबोस से धरती पर लाए जाएंगे नमूने

2050 तक दुनिया में कैंसर से मौतें 75% बढ़ने का अनुमान – द लैंसेट अध्ययन

👤
prativad
👁 6345 व्यूज
📍 भोपाल
2050 तक दुनिया में कैंसर से मौतें 75% बढ़ने का अनुमान – द लैंसेट अध्ययन
28 सितंबर 2025। प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल द लैंसेट में गुरुवार को प्रकाशित एक वैश्विक अध्ययन ने चेतावनी दी है कि 2050 तक कैंसर से होने वाली वार्षिक मौतें 75% तक बढ़कर 1.86 करोड़ (18.6 मिलियन) तक पहुँच सकती हैं। इसका मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या और उम्रदराज होती आबादी माना गया है।

कम और मध्यम आय वाले देशों पर सबसे ज्यादा असर
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिज़ीज़ स्टडी कैंसर कोलेबोरेटर्स की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, नए कैंसर मामलों में आधे से अधिक और कुल मौतों का दो-तिहाई हिस्सा कम और मध्यम आय वाले देशों में दर्ज होगा।

“कम संसाधन वाले देशों में खतरा अधिक”
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) से जुड़ी मुख्य लेखिका डॉ. लिसा फोर्स ने कहा,

“कैंसर दुनिया भर में बीमारियों का एक प्रमुख कारण बना हुआ है। आने वाले दशकों में इसका बोझ और बढ़ेगा, खासकर उन देशों में जहाँ स्वास्थ्य संसाधन सीमित हैं।”

सीएटल स्थित IHME इस शोध का नेतृत्व कर रहा है। यह अध्ययन 1990 से अब तक के कैंसर रजिस्ट्री और हेल्थकेयर सर्वे डेटा पर आधारित है। आंकड़ों के अनुसार, 1990 से 2023 के बीच हर साल नए कैंसर मामलों की संख्या दोगुनी होकर 1.85 करोड़ तक पहुँच गई है और आगे भी यह रफ्तार बनी रह सकती है।

तंबाकू और अन्य प्रमुख कारण
2023 में सभी कैंसर मौतों में से 21% तंबाकू सेवन से जुड़ी थीं, खासकर पुरुषों में।
कम आय वाले देशों में असुरक्षित यौन संबंध और HPV संक्रमण सबसे बड़ा कारण रहा।
पुरुषों में शराब, अस्वस्थ आहार, कार्यस्थल पर जोखिम और वायु प्रदूषण अहम कारक पाए गए।
महिलाओं में मोटापा और हाई ब्लड शुगर प्रमुख कारणों में शामिल रहे।

रोकथाम की बड़ी संभावना
सह-लेखक डॉ. थियो वॉस का कहना है कि कई कैंसर मौतें ऐसे कारणों से होती हैं जिन्हें जीवनशैली बदलकर रोका जा सकता है। धूम्रपान छोड़ना, संतुलित आहार अपनाना और सुरक्षित यौन व्यवहार जैसे कदम रोकथाम में अहम साबित हो सकते हैं।
Tags :