🔴 TRENDING NOW!
कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के उपयोग पर लगायें सख्ती से अंकुश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन विश्वास अभियान के दौरान सभी अधिकारी फील्ड में रहकर जन समस्याओं का करें निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 100 मिनट में 100% सब्सक्राइब, देश के सबसे बड़े जियो IPO की धमाकेदार ओपनिंग “हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प होता है”: अक्षय कुमार भारत स्वस्तिक यात्रा की जम्मू स्थित रघुनाथ मंदिर में राम कथा में भगवान श्रीराम की विरासत और जम्मू-कश्मीर की आध्यात्मिक एकात्मता पर प्रकाश विद्या मालवडे की ‘स्कैम 2024’ खोलेगी डिजिटल अरेस्ट का डरावना सच जापान का ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन: मंगल के चंद्रमा फोबोस से धरती पर लाए जाएंगे नमूने चुनावी विवाद के बीच मेटा को भारत का निर्देश, भ्रामक कंटेंट की पहुंच पर लगाम लगाने की मांग प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत - डॉ. मोहन यादव युद्ध की तैयारी: ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए वैश्विक निगरानी अभियान चलाने का आरोप, जांच में इजरायली कंपनी का नाम

भारी बजट चर्चा, असामान्य विरोध और संकट के बीच – आज का मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र

👤
prativad
👁 1336 व्यूज
📍 भोपाल
भारी बजट चर्चा, असामान्य विरोध और संकट के बीच – आज का मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र
4 दिसंबर 2025। मध्यप्रदेश की राजधानी में चल रहे शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन विधानसभा का माहौल सुनियोजित बजट समीक्षाओं, विरोध प्रदर्शन और पुरानी गर्म राजनीति के रंगों के बीच दिखा।

◼️ अनुपूरक बजट पर बहस शुरू
आज सदन में 13,476.94 करोड़ रुपये के द्वितीय अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पर चर्चा शुरू हुई। इस प्रस्ताव में ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल कल्याण, किसानों के लिये राहत, पेयजल–सिंचाई, नगर निकायों व बुनियादी ढांचा के लिए बड़े प्रावधान शामिल हैं।

विपक्षी दल ने बजट को “संख्याओं का पर्चा” बताया और कहा कि उन्होंने पैसों की बजाय जनता की वास्तविक समस्याओं — जैसे खाद, बिजली, विस्थापन, रोजगार — को प्राथमिकता देनी चाहिए। कुछ कांग्रेस विधायकों ने इसे “अपर्याप्त और जनहित से दूर” बताया।

◼️ कांग्रेस का बेहद असामान्य प्रदर्शन — बंदर वेश में विधायक
बजट चर्चा से पहले विधानसभा परिसर में एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सदन की गरिमा के साथ-साथ राजनीति-प्रदर्शन की नई परिभाषा तय कर दी। एक विधायक, Sunil Uikey, ने बंदर का मास्क और वेश पहनकर “बंदर के हाथ में उस्तरा” की थापी हुई नारेबाजी के साथ सदन में प्रवेश किया। उनके हाथ में “उस्तरा” और पोस्टर थे — इसे सरकार की कथित “जनविरोधी” नीतियों का प्रतीक बताया गया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इसका मकसद सरकार को झटका देना था, ताकि राज्य के किसानों, श्रमिकों और गरीबों की पीड़ा को ध्यान से सुना जाए। वहीं, सत्ता पक्ष ने इसे सदन की मर्यादा का अपमान मानकर साफ नारा दिया कि ऐसा प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं है।

◼️ विधानसभा परिसर में चोरों ने काट दिए चंदन के पेड़
मध्य प्रदेश विधानसभा की सुरक्षा में तैनात एक हजार पुलिस बल, फिर भी परिसर में घुसकर रात में चोरों ने काट दिए चंदन के पेड़। दो पेड़ों पर चलाई कुल्हाड़ी, शोर होने पर भागे।

चंदन के पेड़ कटाई के मामले में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने दिया बयान। कहा, "जो भी उचित कार्रवाई होगी हम करेंगे। इस मामले में सरकार निर्णय लेकर एक्शन लेगी।"

◼️ विपक्ष का आरोप: बजट सिर्फ दिखावा, जमीन पर मायूसी
विधायकों ने कहा कि बजट में बड़े प्रावधानों के बावजूद उन क्षेत्रों की हालत जस की तस है — संतोषजनक नहीं। कई विधायक यह तर्क दे रहे हैं कि बजट योजनाएं खाली घोषणाएं बनकर रह गई हैं, जबकि गरीब और किसान अपेक्षित राहत नहीं पा रहे। बिजली, सिंचाई, समर्थन मूल्य, पेयजल — इन सभी पर काम धीमा अब तक रहा है।
Tags :