17 फरवरी 2026। बजट सत्र से पहले मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया गया। सर्वे के मुताबिक राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रुपये आंका गया है। यह वर्ष 2024-25 के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। महंगाई के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
संतुलित और समावेशी विकास का दावा
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि राज्य ने दूरदर्शी आर्थिक नीतियों के जरिये संतुलित और समावेशी विकास का मॉडल पेश किया है। उनके अनुसार सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि मध्यप्रदेश योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा और सामाजिक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है और वित्तीय अनुशासन ने अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।
स्थिर (2011-12) भाव पर वर्ष 2025-26 में जीएसडीपी 7,81,911 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि दर्शाता है। सरकार का कहना है कि यह केवल कीमतों में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि वास्तविक उत्पादन में वृद्धि का संकेत है।
प्रति व्यक्ति आय में उछाल
सर्वे के अनुसार वर्ष 2011-12 में 38,497 रुपये रही प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,69,050 रुपये हो गई है। स्थिर भाव पर यह आय 76,971 रुपये आंकी गई है।
वर्ष 2025-26 में प्रचलित भाव पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र की 19.79 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र की 37.12 प्रतिशत रही। स्थिर भाव पर यह क्रमशः 33.54, 26.18 और 40.28 प्रतिशत दर्ज किया गया।
इंदौर की घटना पर विपक्ष के निशाने पर सरकार
इंदौर के भागीरतपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी सरकार की ओर से स्पष्ट और सख्त प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
विरोध पक्ष का कहना है कि यदि प्रदेश में बेहतर व्यवस्था का दावा किया जा रहा है तो फिर लोगों को सड़कों पर उतरने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
विधानसभा में तीखी बयानबाजी
सतना से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ शुक्ला कुशवाहा ने राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ ठीक है तो पुलिस और अन्य विभागों की जरूरत ही क्या रह जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर कमी के लिए सरकार पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि आज की चुनौतियों का समाधान वर्तमान सरकार को ही करना होगा।
कुशवाहा ने निवेश सम्मेलनों पर खर्च का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को उद्योग लगाने के लिए जमीन और अवसर नहीं मिल पा रहे, जबकि बड़े आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
महिलाओं के लापता होने का मुद्दा भी उठा
कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने प्रदेश में महिलाओं और खासकर आदिवासी समुदाय की लड़कियों के लापता होने की घटनाओं को गंभीर बताया। उन्होंने इन मामलों की व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग की।
आर्थिक विकास के दावों और सामाजिक मुद्दों पर उठते सवालों के बीच विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक रूप से अहम बनता जा रहा है।














