🔴 TRENDING NOW!
RBI की ‘डॉलर शील्ड’ कितनी मजबूत? NRI के 136 अरब डॉलर ने बढ़ाई भारत की ताकत, रुपये को मिला बड़ा सहारा ‘श्रीकृष्ण पर्व’ में घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल से गूंजेगा मध्यप्रदेश अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी उपलब्ध होगी बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार के लिए अन्नदाता सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- किसान कल्याण पर हमारा विशेष ध्यान स्बेरबैंक ने दिल्ली में खरीदे दो बिज़नेस टावर, रूस-भारत ट्रेड हब के रूप में होगा इस्तेमाल महुआ बीनने वाले हाथों में अब आत्मनिर्भरता की चाबी: हसदेव की आदिवासी महिलाओं ने उद्यमिता से बदली अपनी तकदीर EU ने ChatGPT, Reddit और Roblox को DSA के कड़े नियमों के दायरे में रखा सीएम डॉ. मोहन ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- एमपी आओ तो अपने अतीत के शासनकाल का हिसाब भी जनता को बताओ किसी ने 12वीं के साथ किया नीट, किसी ने नीट और जेईई मैन्स दोनों, प्रतिभा देख प्रभावित हुए सीएम डॉ. मोहन निहिलेंट ने एआई आधारित भावनाओं को पहचानने और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर बनाने वाला ऐप nSEPIA लॉन्च किया

विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक का ‘शीर्षासन सत्याग्रह’, एफआईआर के विरोध में अनोखा प्रदर्शन

👤
prativad
👁 977 व्यूज
📍 भोपाल
विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक का ‘शीर्षासन सत्याग्रह’, एफआईआर के विरोध में अनोखा प्रदर्शन
27 फरवरी 2026 मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज दसवां दिन काफी हलचल भरा रहा। दिनभर की कार्यवाही के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, लेकिन समापन से पहले एक अनोखे विरोध ने सबका ध्यान खींच लिया।

श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में विधानसभा परिसर में शीर्षासन कर प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा के सामने उल्टे खड़े होकर उन्होंने मीडिया से बातचीत की और सरकार पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया। उनका यह तरीका सदन के भीतर से ज्यादा बाहर चर्चा का विषय बन गया।

मामला महाशिवरात्रि पर निकली शिव बारात से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में विधायक हर्ष फायरिंग करते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। जंडेल का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित है। उनके मुताबिक, सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।

विधानसभा परिसर में शीर्षासन करते हुए उन्होंने खुद को गांधीवादी बताते हुए कहा कि यह अन्याय के खिलाफ उनका सत्याग्रह है। उनका कहना था कि जब तक एफआईआर वापस नहीं ली जाती, उनका विरोध जारी रहेगा।

इस प्रदर्शन के बाद सियासी माहौल और गरमा गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की अभिव्यक्ति बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को नाटक करार दिया।

इससे पहले सदन के भीतर भी कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे को उठाया। आरोप लगाया गया कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि विपक्ष को जनता की आवाज उठाने का अधिकार है और यदि सदन में बात नहीं सुनी जाती तो वॉकआउट ही एकमात्र विकल्प बचता है।
Tags :