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एमपी स्पेशल असेंबली सेशन: सरकार रखेगी ‘विकसित मध्य प्रदेश’ का रोडमैप, कांग्रेस करेगी नाकामियों पर तीखा हमला

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📍 भोपाल
एमपी स्पेशल असेंबली सेशन: सरकार रखेगी ‘विकसित मध्य प्रदेश’ का रोडमैप, कांग्रेस करेगी नाकामियों पर तीखा हमला
16 दिसंबर 2025। मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय स्पेशल सेशन 17 दिसंबर को बुलाया गया है। सरकार इस सत्र में ‘विकसित मध्य प्रदेश’ के विज़न पर फोकस करेगी और अपना विज़न डॉक्यूमेंट पेश करेगी। वहीं कांग्रेस इस मंच को सरकार की नाकामियों को घेरने और विज़न डॉक्यूमेंट में खामियां गिनाने के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी में है।

इस विशेष सत्र में राज्य के ओवरऑल डेवलपमेंट पर चर्चा होगी। एजेंडे में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सिंचाई, इंडस्ट्रियलाइजेशन, रोजगार, माइनिंग, महिला सशक्तिकरण और व्यापारिक अवसर जैसे मुद्दे शामिल हैं।

सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार को विपक्ष के नेता की अध्यक्षता में बुलाई गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, स्पेशल सेशन की अधिसूचना जारी होने के बाद विधायकों को अलग-अलग विषयों पर अध्ययन और तैयारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि सरकार को तथ्यों के साथ घेरा जा सके।

कांग्रेस विधायकों का मुख्य फोकस कानून-व्यवस्था पर रहेगा। महिलाओं के खिलाफ अपराध, अपहरण, हत्या, लूट और अनुसूचित जाति एवं जनजाति से जुड़े अत्याचार के मामलों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके साथ ही भ्रष्टाचार और कथित भ्रष्ट अधिकारियों का मुद्दा भी विपक्ष के निशाने पर रहेगा। सरकार के पास प्रॉसिक्यूशन अप्रूवल से जुड़े लंबित मामलों की संख्या पर सवाल उठाए जाएंगे।

किसानों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहेंगे। खास तौर पर प्याज, केला और लहसुन की फसलों को लेकर किसानों को हो रहे नुकसान और कीमतों की समस्या को कांग्रेस जोरशोर से उठाने की तैयारी में है। इसके अलावा युवाओं के रोजगार और भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

क्यों बुलाया गया स्पेशल सेशन
यह विशेष सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा के पहले सत्र के 69 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था और उसी वर्ष 17 दिसंबर को विधानसभा का पहला सत्र बुलाया गया था।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को कहा, “17 दिसंबर मध्य प्रदेश विधानसभा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। इस अवसर पर आयोजित स्पेशल सेशन में सभी सदस्य इस बात पर विचार करेंगे कि विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।”

कुल मिलाकर, यह सत्र सरकार के विज़न और विपक्ष के सवालों के बीच एक सीधी राजनीतिक टक्कर का मंच बनने जा रहा है।
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