🔴 TRENDING NOW!
प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस AI की कमाई पर उठे सवाल, टेक शेयरों में 2 ट्रिलियन डॉलर की भारी गिरावट भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं, आयु सीमा पार कर रहे अभ्यर्थी उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण में सबसे आगे मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ.यादव नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर

विधायकों की तनख्वाह बढ़ाने की तैयारी, कमेटी 1 दिसंबर को लेगी अंतिम फैसला

👤
prativad
👁 1117 व्यूज
📍 भोपाल
विधायकों की तनख्वाह बढ़ाने की तैयारी, कमेटी 1 दिसंबर को लेगी अंतिम फैसला
29 नवंबर 2025। मध्य प्रदेश में विधायकों की सैलरी बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। पार्लियामेंट्री अफेयर्स विभाग ने बढ़ोतरी को लेकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी 1 दिसंबर को इसकी अंतिम समीक्षा करेगी। सहमति बनने पर सरकार इसे आने वाले विंटर सेशन में विधानसभा के सामने रखेगी।

कमेटी के सदस्य और पूर्व विधायक अजय विश्नोई ने बताया कि चुने हुए प्रतिनिधियों की सैलरी पर अंतिम बैठक 1 दिसंबर को होगी। बिल 2 दिसंबर को पेश किए जाने की उम्मीद है।

कमेटी इससे पहले दो बार बैठक कर चुकी है। पिछले सेशन में विभिन्न राज्यों की तुलना की गई तो पता चला कि छत्तीसगढ़ के विधायक कहीं अधिक वेतन पाते हैं। कमेटी के एक सदस्य के अनुसार, हर राज्य की अपनी जरूरतें होती हैं और उसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल एमपी में विधायकों को 30 हजार रुपये बेसिक सैलरी मिलती है। अन्य भत्तों को जोड़कर यह लगभग 1,10,000 रुपये प्रति माह हो जाता है। प्रस्ताव है कि कुल राशि बढ़ाकर करीब 1,65,000 रुपये या उससे अधिक की जा सकती है, यानी लगभग 60 हजार रुपये की बढ़ोतरी।

वेतन बढ़ाने का मुद्दा पिछले सत्र में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाया था। उनका कहना था कि कई सरकारी कर्मचारी भी विधायकों से अधिक वेतन पा रहे हैं। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने मामले की जांच का निर्देश दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए सैलरी और भत्तों की समीक्षा के लिए कमेटी गठित कर दी।
Tags :