🔴 TRENDING NOW!
उज्जैन के गौरव की “गिर गाय राधा” ने बनाया रिकार्ड, प्रतिदिन 19 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में हासिल किया सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का स्थान प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस AI की कमाई पर उठे सवाल, टेक शेयरों में 2 ट्रिलियन डॉलर की भारी गिरावट भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं, आयु सीमा पार कर रहे अभ्यर्थी उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण में सबसे आगे मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

ट्रंप की सलाह: ज़ेलेंस्की अब शांति प्रस्तावों पर गंभीर हों, रूस की बढ़त साफ दिख रही है

👤
prativad
👁 1478 व्यूज
📍 भोपाल
ट्रंप की सलाह: ज़ेलेंस्की अब शांति प्रस्तावों पर गंभीर हों, रूस की बढ़त साफ दिख रही है
9 दिसंबर 2025। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की से कहा है कि अब शांति प्रस्तावों को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि मौजूदा हालात में रूस की पकड़ ज्यादा मजबूत है और यूक्रेन के सैन्य जीतने की संभावना लगभग न के बराबर है।

पोलिटिको को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि रूस "बहुत बड़ा देश" है और इस लड़ाई में "हावी हाथ" उसी का है। उनके मुताबिक, लंबे समय में आकार और संसाधन ही फ़ैसला करते हैं।

ट्रंप ने दावा किया कि ज़ेलेंस्की ने अभी तक अमेरिका की नई शांति योजना का ताज़ा ड्राफ्ट देखा भी नहीं, जबकि उनके कई शीर्ष अधिकारी इसे “ठीक” मानते हैं। ट्रंप का तर्क है कि जितनी जल्दी बातचीत आगे बढ़ेगी, उतनी जल्दी लोगों की जान बचेगी।
उनकी सीधी टिप्पणी: “ज़ेलेंस्की को आगे आना होगा। वह इस वक्त हार रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को अब चुनाव कराने चाहिए, क्योंकि बहुत समय बीत चुका है। ट्रंप ने सवाल उठाया कि अगर चुनाव ही नहीं होंगे, तो फिर लोकतंत्र की बात कैसी।

पिछले महीने उनका 28-पॉइंट वाला प्रारंभिक शांति प्लान लीक हुआ था, जिसमें यूक्रेन से डोनबास से सेना हटाने, नाटो में शामिल न होने और सैन्य क्षमता सीमित करने जैसे बिंदु थे। कीव ने इसे तुरंत ठुकरा दिया। बाद में इस प्लान में रूस और यूक्रेन—दोनों के सुझाव जोड़कर बदलाव किए गए, लेकिन ट्रंप का कहना है कि ज़ेलेंस्की फिर भी नए ड्राफ्ट को पढ़ने से बच रहे हैं।

दूसरी ओर, ज़ेलेंस्की बार-बार यह साफ कर चुके हैं कि यूक्रेन अपने पुराने इलाकों को छोड़ने वाला नहीं है और देश “एक सम्मानजनक शांति” का हकदार है।

रूस ने ट्रंप की पहल का स्वागत किया है, लेकिन अपनी मांगों पर टिका हुआ है—कीव नई सीमाओं को स्वीकार करे और सैन्य व राजनीतिक न्यूट्रैलिटी पर सहमत हो।
Tags :