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AI खर्च ने बढ़ाई चिंता, माइक्रोसॉफ्ट की मार्केट वैल्यू से उड़े $357 बिलियन

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📍 भोपाल
AI खर्च ने बढ़ाई चिंता, माइक्रोसॉफ्ट की मार्केट वैल्यू से उड़े $357 बिलियन
2020 के बाद कंपनी का सबसे खराब ट्रेडिंग दिन

30 जनवरी 2026। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर लगातार बढ़ते खर्च ने माइक्रोसॉफ्ट के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी आशंका के चलते इस हफ्ते कंपनी के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो बीते पांच साल से ज्यादा समय की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। कंपनी ने अपने प्रमुख क्लाउड बिजनेस में धीमी ग्रोथ के बीच AI पर रिकॉर्ड स्तर का निवेश दिखाया है।

गुरुवार को माइक्रोसॉफ्ट का शेयर 433.50 डॉलर पर बंद हुआ, जबकि दो दिन पहले ट्रेडिंग के अंत में यह 481.63 डॉलर पर था। इस तेज गिरावट के चलते कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू से लगभग 357 बिलियन डॉलर साफ हो गए। कोविड काल की असाधारण बिकवाली को छोड़ दें तो यह माइक्रोसॉफ्ट के इतिहास में सबसे बड़े एक-दिवसीय नुकसानों में गिना जा रहा है।

माइक्रोसॉफ्ट अमेरिका की उन टेक कंपनियों में सबसे आगे रही है, जिन्होंने AI को तेजी से अपनाया है। कंपनी ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर झोंके हैं और OpenAI के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत किया है। इसी के साथ रीस्ट्रक्चरिंग के तहत हजारों नौकरियां कम की गई हैं और विंडोज, ऑफिस और एज्योर जैसे कोर प्रोडक्ट्स में जेनरेटिव AI टूल्स को गहराई से जोड़ा गया है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा बिकवाली यह संकेत देती है कि निवेशक अब इस बात को लेकर ज्यादा सतर्क हो रहे हैं कि बिग टेक कंपनियों द्वारा AI में किया जा रहा भारी निवेश वास्तव में ठोस रिटर्न दे पाएगा या नहीं। माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी ताजा तिमाही में पूंजीगत खर्च में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 37.5 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड कैपेक्स दिखाया, जबकि एज्योर क्लाउड यूनिट की ग्रोथ पिछली तिमाही की तुलना में धीमी रही।

मिलर टैबैक + कंपनी के मुख्य बाजार रणनीतिकार मैथ्यू मैली ने ब्लूमबर्ग से कहा कि अब यह और स्पष्ट हो रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट को अपने बड़े AI निवेश से उतना मजबूत रिटर्न नहीं मिल पाएगा, जितनी पहले उम्मीद की जा रही थी। उनके अनुसार, ऐसे में शेयरों का मूल्यांकन धीरे-धीरे अपने ऐतिहासिक और ज्यादा यथार्थवादी स्तर की ओर लौट सकता है।

इस गिरावट का असर बाकी बड़ी टेक कंपनियों पर भी दिखा। एक समय पर अल्फाबेट और एनवीडिया दोनों की मार्केट वैल्यू में 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमी आई। हालांकि अल्फाबेट ने दिन के अंत तक नुकसान की भरपाई कर ली और 0.7 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि अमेजन के शेयर 0.5 प्रतिशत गिरावट पर बंद हुए।

माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उसकी तिमाही कमाई को OpenAI में किए गए निवेश से सहारा मिला है, जिससे इस साझेदारी पर कंपनी की निर्भरता और बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर, पर्सनल कंप्यूटिंग और गेमिंग बिजनेस में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर AI बूम उत्पादकता में ठोस लाभ देने में विफल रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती की कड़ी परीक्षा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नेतृत्व वाले AI बूम पर बढ़ती निर्भरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम पैदा कर सकती है और तकनीक से जुड़ी उम्मीदों में किसी भी तरह की कमी निवेश में तेज गिरावट को जन्म दे सकती है।
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