6 जनवरी 2026। दुबई पुलिस ने निवासियों को नकली वर्क वीज़ा और रोजगार से जुड़े घोटालों को लेकर सतर्क किया है। पुलिस के मुताबिक हाल के दिनों में ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है, जहां धोखेबाज़ फर्जी स्पॉन्सरशिप और आकर्षक नौकरी के ऑफर दिखाकर लोगों को फंसा रहे हैं।
क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के जनरल डिपार्टमेंट के अंतर्गत एंटी-फ्रॉड सेंटर ने साफ कहा है कि नकली वर्क वीज़ा या तथाकथित स्पॉन्सरशिप के वादे का कोई कानूनी आधार नहीं होता। फिर भी कई लोग जल्दी वीज़ा या पक्की नौकरी के लालच में मोटी रकम दे बैठते हैं।
पुलिस के अनुसार अपराधी अक्सर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क करते हैं। कुछ मामलों में वे खुद को एजेंट या कंपनी का प्रतिनिधि बताकर जल्द फैसला लेने का दबाव बनाते हैं, ताकि पीड़ित सवाल करने का मौका ही न पाए।
यह चेतावनी दुबई पुलिस के चल रहे #BewareOfFraud अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत आम लोगों को गुमराह करने वाले विज्ञापनों, डीपफेक, फिशिंग, फर्जी निवेश योजनाओं और नकली बिज़नेस डील जैसे खतरों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि वर्क वीज़ा पाने का एकमात्र सुरक्षित रास्ता सरकारी चैनल और आधिकारिक, लाइसेंस प्राप्त रिक्रूटमेंट एजेंसियां ही हैं। किसी भी अनौपचारिक या “शॉर्टकट” ऑफर को बेहद सावधानी से लेना चाहिए।
खुद को इस तरह के घोटालों से बचाने के लिए पुलिस ने सलाह दी है कि नौकरी या वीज़ा से जुड़े किसी भी ऑफर की पुष्टि संबंधित सरकारी अथॉरिटी से करें, केवल अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करें, और “गारंटीड वीज़ा” जैसे दावों से दूर रहें।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध की समय पर रिपोर्टिंग ही ऐसे धोखाधड़ी नेटवर्क को तोड़ने का सबसे असरदार तरीका है। साफ शब्दों में, शक हो तो चुप न रहें।














