18 जनवरी 2026। लैंग्वेज ट्रांसलेशन की रेस एक बार फिर तेज हो गई है। OpenAI के ChatGPT Translation फीचर के ऐलान के बाद अब Google ने भी बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपना नया मल्टी-लैंग्वेज AI मॉडल TranslateGemma लॉन्च कर दिया है, जो 55 भाषाओं में तेज, सटीक और कम संसाधनों में बेहतर अनुवाद देने का दावा करता है।
Google का कहना है कि TranslateGemma को खासतौर पर ऐसे डिजाइन किया गया है ताकि यह हाई परफॉर्मेंस के साथ-साथ एफिशिएंसी भी बनाए रखे। यानी कम कंप्यूटिंग पावर में भी बेहतर नतीजे। यही वजह है कि इसे ओपन ट्रांसलेशन मॉडल्स की दुनिया में नया बेंचमार्क माना जा रहा है।
This week, we released a pair of Gemma updates that developers can use to innovate across the healthcare and translation spaces:
— Google AI (@GoogleAI) January 16, 2026
— MedGemma 1.5 4B: Our updated open medical AI model improves performance in 3D imaging and reasoning over medical records. We also kicked off the…
हर डिवाइस, हर जगह काम करने की क्षमता
TranslateGemma की एक बड़ी खासियत यह है कि यह किसी एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है। यूजर इसे मोबाइल, लैपटॉप और क्लाउड तीनों पर इस्तेमाल कर सकते हैं। लोकेशन या डिवाइस की कोई बंदिश नहीं, जो इसे डेवलपर्स और कंपनियों दोनों के लिए ज्यादा उपयोगी बनाता है।
तीन साइज में उपलब्ध मॉडल
यह मॉडल तीन अलग-अलग पैरामीटर साइज में आता है – 4B, 12B और 27B। यहां ‘B’ का मतलब बिलियन पैरामीटर्स से है। Google के मुताबिक, इन साइज का मकसद अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखना है।
4B मॉडल: कम संसाधनों वाले मोबाइल और एज डिवाइसेज के लिए
12B मॉडल: बैलेंस्ड परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी
27B मॉडल: बड़े एंटरप्राइज और हाई-एंड यूज़ के लिए
कम पैरामीटर्स, ज्यादा सटीकता
Google ने TranslateGemma को WMT24++ बेंचमार्क पर MetricX के जरिए टेस्ट किया। नतीजे चौंकाने वाले रहे। 12B TranslateGemma मॉडल ने पुराने Gemma 3 के 27B बेसलाइन मॉडल से भी बेहतर परफॉर्म किया। यानी कम साइज के बावजूद ज्यादा सटीक ट्रांसलेशन।
इतना ही नहीं, 4B मॉडल ने भी अपने से बड़े 12B बेसलाइन मॉडल को पीछे छोड़ दिया। इसका सीधा मतलब है कि यह AI मॉडल मोबाइल डिवाइसेज के लिए एक मजबूत और प्रैक्टिकल विकल्प बन सकता है।
टेक्स्ट ही नहीं, इमेज से भी ट्रांसलेशन
TranslateGemma की एक और खास बात यह है कि यह सिर्फ टेक्स्ट इनपुट तक सीमित नहीं है। यह इमेज इनपुट के जरिए भी ट्रांसलेशन को सपोर्ट करता है। यानी किसी पोस्टर, बोर्ड या तस्वीर में लिखे टेक्स्ट को भी आसानी से दूसरी भाषा में बदला जा सकता है।
डेवलपर्स के लिए ओपन एक्सेस
डेवलपर्स TranslateGemma मॉडल्स को Hugging Face और Kaggle से डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं बड़ी कंपनियां और एंटरप्राइज यूजर्स Vertex AI और Gemma Cookbook के जरिए इन मॉडल्स तक पहुंच बना सकते हैं। इससे साफ है कि Google इसे सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक ओपन AI इकोसिस्टम का हिस्सा बनाना चाहता है।
भारतीय भाषाओं के लिए बड़ी उम्मीद
TranslateGemma को जिन 55 भाषाओं पर टेस्ट किया गया है, उनमें हिंदी के साथ-साथ स्पेनिश, फ्रेंच, चीनी जैसी प्रमुख भाषाएं और कई कम संसाधन वाली भाषाएं भी शामिल हैं। हर भाषा में इसका प्रदर्शन स्थिर और भरोसेमंद बताया गया है। यह भारतीय भाषाओं के डिजिटल विस्तार के लिहाज से भी एक अहम कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, TranslateGemma Google की AI रणनीति को एक नई मजबूती देता है। तेज, सटीक और एफिशिएंट ट्रांसलेशन के साथ यह मॉडल न सिर्फ Google Translate को और बेहतर बना सकता है, बल्कि आने वाले समय में AI आधारित भाषा अनुवाद की दिशा ही बदल सकता है।














