20 फरवरी 2026। सिलिकॉन वैली से जुड़े एक गंभीर मामले में तीन इंजीनियरों पर बड़ी टेक कंपनियों से संवेदनशील तकनीकी जानकारी चुराकर ईरान भेजने का आरोप लगा है। इनमें Google के दो पूर्व कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
आरोपियों की पहचान समानेह घंडाली (41), उनकी बहन सोरूर घंडाली (32) और समानेह के पति मोहम्मदजवाद खोसरावी (40) के रूप में हुई है। तीनों सैन होज़े के निवासी हैं और 19 फरवरी को गिरफ्तार किए गए। उसी दिन उन्हें कैलिफोर्निया के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट की फेडरल अदालत में पेश किया गया।
क्या हैं आरोप
चार्जशीट के अनुसार, तीनों मोबाइल कंप्यूटर प्रोसेसर और उससे जुड़ी सिक्योरिटी व क्रिप्टोग्राफी तकनीक के क्षेत्र में काम कर चुके हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल कर सैकड़ों गोपनीय फाइलें निकालीं। इन फाइलों में प्रोसेसर सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील डेटा शामिल थे।
दस्तावेजों के मुताबिक, चुराई गई फाइलें एक थर्ड-पार्टी कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए ईरान समेत अन्य अनधिकृत स्थानों पर भेजी गईं। अभियोजन पक्ष का दावा है कि गतिविधियों को छिपाने के लिए आरोपियों ने झूठे हलफनामे दिए, फाइलें डिलीट कीं और कुछ जानकारी की मैन्युअल तस्वीरें भी लीं।
गूगल की प्रतिक्रिया
Google ने बयान जारी कर कहा कि नियमित सुरक्षा निगरानी के दौरान संदिग्ध गतिविधि का पता चला था। आंतरिक जांच के बाद मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि संवेदनशील डेटा तक सीमित पहुंच, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और फाइल ट्रांसफर की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं पहले से लागू हैं, और अब सुरक्षा उपाय और मजबूत किए गए हैं।
एफबीआई का बयान
एफबीआई के विशेष एजेंट प्रभारी संजय विरमानी ने कहा कि आरोप गंभीर विश्वासघात को दर्शाते हैं। जिन कंपनियों ने इन लोगों को काम दिया, उन्हीं से ट्रेड सीक्रेट चुराने का प्रयास किया गया।
संभावित सजा
यदि दोष साबित होता है तो ट्रेड सीक्रेट चोरी के लिए प्रत्येक आरोपी को अधिकतम 10 साल की जेल और न्याय में बाधा डालने के आरोप में 20 साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही हर आरोप पर 2.5 लाख डॉलर तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
बढ़ता अंदरूनी खतरा
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इनसाइडर थ्रेट तेजी से बढ़ रहा है, खासकर ऐसे मामलों में जहां संवेदनशील तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलू शामिल हों। टेक इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ा चेतावनी संकेत माना जा रहा है।














