13 जनवरी 2026। चीन में अकेले रहने वालों की बढ़ती संख्या के बीच एक अनोखा मोबाइल ऐप चर्चा का केंद्र बन गया है। ‘सी ले मा’ नाम का यह ऐप, जिसका मतलब है “क्या तुम ज़िंदा हो?”, Apple के चीन स्थित ऐप स्टोर पर सबसे ज़्यादा डाउनलोड होने वाले पेड ऐप्स में शामिल हो गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऐप एक तरह का डिजिटल चेक-इन सिस्टम है। यूज़र को रोज़ एक बटन दबाकर यह बताना होता है कि वह सुरक्षित है। अगर लगातार दो दिनों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तो ऐप अपने आप पहले से तय इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को अलर्ट भेज देता है। इसकी कीमत 8 युआन यानी करीब 1.15 डॉलर है। मिड-2025 में लॉन्च होने के बाद जनवरी की शुरुआत से इसके डाउनलोड में तेज़ उछाल देखा गया।
ऐप की लोकप्रियता चीन में चल रहे दो बड़े सामाजिक रुझानों से जुड़ी मानी जा रही है। एक तरफ़ बड़ी संख्या में युवा शादी और परिवार से दूरी बनाकर अकेले रहना चुन रहे हैं। दूसरी ओर, बुज़ुर्ग आबादी बढ़ रही है, जिनमें से कई बिना करीबी पारिवारिक सहारे के जीवन गुज़ार रहे हैं।
ऐप के तीन युवा को-क्रिएटर्स में से एक, ल्यू, ने स्थानीय मीडिया से कहा कि यह ऐप खासतौर पर बड़े शहरों में अकेले रहने वाले युवाओं के लिए बनाया गया है, जिनमें 25 वर्ष के आसपास की महिलाएं बड़ी संख्या में हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग अक्सर गहरे अकेलेपन और अचानक किसी अनहोनी की स्थिति में मदद न मिल पाने की चिंता से जूझते हैं।
यह ट्रेंड चीन के बदलते डेमोग्राफिक हालात की भी झलक देता है। 2024 में देश की आबादी में लगातार तीसरे साल गिरावट दर्ज की गई, और 2023 में चीन दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश होने का दर्जा भारत को गंवा चुका है।
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के सोशल डेमोग्राफी विशेषज्ञ वेई-जून जीन युंग के अनुसार, घटती जन्म दर, बढ़ती जीवन प्रत्याशा, कम होती शादियां और बढ़ते तलाक मिलकर “एक-व्यक्ति वाले घरों” को नया नॉर्म बना रहे हैं। उनका कहना है कि इससे जुड़ी चिंताएं पूरी तरह वास्तविक हैं।
प्रॉपर्टी रिसर्च फर्म बेइके रिसर्च इंस्टीट्यूट का अनुमान है कि 2030 तक चीन में एक-व्यक्ति वाले घरों की संख्या 200 मिलियन तक पहुंच सकती है, यानी 30 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी अकेले रह रही होगी। वहीं, 2021 के एक सरकारी सर्वे में पाया गया था कि 60 साल से ऊपर के लगभग 60 प्रतिशत लोग या तो अकेले रहते हैं या सिर्फ़ अपने जीवनसाथी के साथ, जो 2010 की तुलना में काफ़ी अधिक है।
सी ले मा की सफलता बताती है कि चीन में अकेलापन अब सिर्फ़ निजी अनुभव नहीं रहा, बल्कि एक बड़ा सामाजिक मुद्दा बन चुका है। और अब इसकी एंट्री ऐप स्टोर तक हो चुकी है।














