🔴 TRENDING NOW!
ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी भारत की अगली रक्षा लड़ाई सिर्फ मिसाइल और लड़ाकू विमानों से नहीं, AI और Cyber Security से भी होगी हाउस ऑफ मैकडॉवेल्स सोडा ने ‘यारी की नई वाइब’ के साथ यारी को दिया नया अंदाज़ कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के सरकारी और रक्षा संस्थानों पर साइबर खतरा, APT36 के नए Malware अभियान से अलर्ट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

सरकार की क्यों बदनामी करवा रहे हैं: अध्‍यक्ष गिरीश गौतम

👤
prativad
👁 1788 व्यूज
📍 Bhopal
सरकार की क्यों बदनामी करवा रहे हैं: अध्‍यक्ष गिरीश गौतम
20 मार्च 2023। रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज के डीन देवेश सारस्वत पर पद का दुरुपयोग करने के मामला सोमवार को विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से भाजपा विधायक शरदेन्दु तिवारी ने उठाया। चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से कहा कि डीन को वहां से हटा लो, आप सरकार की क्यों बदनाम करवा रहे हैं। डीन की कार्यप्रणाली को लेकर विधानसभा में लगातार प्रश्न उठ रहे हैं।

तिवारी ने सदन में कहा कि सुदामा प्रसाद पांडे ने कैंसर का इलाज कराने के लिए तीन लाख रुपए का आवेदन दिया था। इस पर कोई कार्यवाही नहीं की। विधानसभा अध्यक्ष ने भी डीन को पत्र लिखा था पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।

इस पर विभागीय मंत्री ने कहा कि कोई सरकारी कर्मचारी राज्य के बाहर या राज्य के अंदर निजी अस्पताल में इलाज कराता है तो वह अस्पताल सूचीबद्ध होना चाहिए।

सुदामा प्रसाद पांडे ने नागपुर के जिस संस्थान में अपना इलाज कराया वह राज्य सरकार में सूचीबद्ध नहीं है। ऐसे प्रकरण में विचार के लिए प्रक्रिया बनी है। इसके अनुसार प्रकरण रीवा मेडिकल कालेज में गया पर अस्पताल सूचीबद्ध नहीं था इसलिए वह अमान्य हो गया।
दूसरी बार उन्होंने फिर से आवेदन प्रस्तुत किया लेकिन कालेज स्तर पर निर्णय नहीं लिया जा सकता इसलिए संबंधित विभाग जल संसाधन को वह भेजा गया है। जैसे ही यह हमारे विभाग में आएगा तो विचार करके निर्णय जरूर करेंगे।


Madhya Pradesh, प्रतिवाद समाचार, प्रतिवाद, MP News, Madhya Pradesh News, Hindi Samachar, prativad.com

Tags :