🔴 TRENDING NOW!
MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी भारत की अगली रक्षा लड़ाई सिर्फ मिसाइल और लड़ाकू विमानों से नहीं, AI और Cyber Security से भी होगी हाउस ऑफ मैकडॉवेल्स सोडा ने ‘यारी की नई वाइब’ के साथ यारी को दिया नया अंदाज़ कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय नौसेना में दो ब्रह्मोस से लैस स्टील्थ फ्रिगेट्स शामिल

👤
prativad
👁 3434 व्यूज
📍 नई दिल्ली
भारतीय नौसेना में दो ब्रह्मोस से लैस स्टील्थ फ्रिगेट्स शामिल
28 अगस्त 2025। भारतीय नौसेना को अपनी युद्ध क्षमता और भी सुदृढ़ करते हुए दो नए स्टील्थ फ्रिगेट्स – आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि – मंगलवार को बेड़े में शामिल किए गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन दोनों स्वदेशी निर्मित युद्धपोतों को विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान में नौसेना को सौंपा।

ये फ्रिगेट्स नीलगिरि श्रेणी (Nilgiri-class) का हिस्सा हैं और अत्याधुनिक सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस हैं। इनके साथ बेहतर स्टील्थ तकनीक, उन्नत निगरानी रडार, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और रैपिड-फायर गन सिस्टम भी मौजूद हैं।

राजनाथ सिंह ने इस मौके पर कहा कि नवीनतम हथियारों और प्रणालियों से सुसज्जित ये पोत हिंद महासागर क्षेत्र में न केवल भारत की सुरक्षा क्षमता को बढ़ाएँगे, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता एवं भारत की "पहले प्रतिक्रिया देने वाले और विश्वसनीय साझेदार" की भूमिका को और मजबूत करेंगे।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आईएनएस उदयगिरि और हिमगिरि के शामिल होने से नौसेना के पास अब 20 स्टील्थ फ्रिगेट्स और 13 विध्वंसक पोतों पर 300 से अधिक ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार की योजना है कि 2030 तक पूरा नौसैनिक बेड़ा ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस हो।



ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा किया जाता है, जो भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है। इसमें भारत के डीआरडीओ (Defence Research and Development Organisation) की 50.5% और रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया की 49.5% हिस्सेदारी है।

भारत-रूस के लंबे रक्षा सहयोग को दर्शाते हुए, पिछले महीने रूस ने भारत को आईएनएस तमाल सौंपा था, जो क्रिवाक-श्रेणी का आठवाँ पोत है और वह भी ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस है।

राजनाथ सिंह के शब्दों में – “आईएनएस उदयगिरि और हिमगिरि की यात्रा, भारत के गौरव और सामरिक आत्मनिर्भरता की यात्रा है।”
Tags :