🔴 TRENDING NOW!
भारतीय संस्कृति में सिर्फ पर्यटन नहीं, तीर्थाटन की भावना महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुमार सानू, शंकर महादेवन और जावेद अली ‘सा रे गा मा पा 2026’ के दिवाली स्पेशल एपिसोड में जमाएंगे सुरों की महफिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में हुए शामिल उज्जैन के गौरव की “गिर गाय राधा” ने बनाया रिकार्ड, प्रतिदिन 19 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में हासिल किया सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का स्थान प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस

रूस भारत के साथ नागरिक विमानन और रेलवे सहयोग को लेकर उत्सुक – उप-मंत्री

👤
prativad
👁 1857 व्यूज
📍 नई दिल्ली
रूस भारत के साथ नागरिक विमानन और रेलवे सहयोग को लेकर उत्सुक – उप-मंत्री
6 सितंबर 2025। व्लादिवोस्तोक में पूर्वी आर्थिक मंच के दौरान रूस ने भारत के साथ नागरिक विमान निर्माण में साझेदारी की इच्छा जताई है। रूसी उद्योग और व्यापार उप-मंत्री एलेक्सी ग्रुज़देव ने शुक्रवार को कहा कि दोनों देश अगली पीढ़ी के विमानों और इंजनों के विकास की दिशा में अपने प्रयासों को तेज़ कर रहे हैं।

भारत-रूस व्यापार वार्ता में ग्रुज़देव ने कहा, “हम अपने दृष्टिकोणों में गहरी पूरकता देखते हैं, जो नागरिक उड्डयन क्षेत्र में व्यापक सहयोग का मार्ग खोलती है।”

सैन्य विमानों पर भी बातचीत
नागरिक उड्डयन के साथ ही दोनों देशों के बीच सैन्य विमानों में सहयोग पर भी चर्चा चल रही है। हाल ही में एएनआई ने रिपोर्ट दी थी कि रूस भारत में सुखोई एसयू-57 लड़ाकू विमान के संयुक्त निर्माण के संभावित निवेश विकल्पों पर विचार कर रहा है।

भारत को फिलहाल पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के कम से कम दो स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। इनमें रूस के एसयू-57 और अमेरिका के एफ-35 प्रमुख विकल्प माने जा रहे हैं। हालांकि, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने इस वर्ष फरवरी में अमेरिका को स्पष्ट कर दिया था कि वह एफ-35 खरीदने के पक्ष में नहीं है। नई दिल्ली संयुक्त डिज़ाइन और निर्माण आधारित साझेदारी को प्राथमिकता दे रही है।

रेलवे इंजीनियरिंग में नए अवसर
ग्रुज़देव ने भारत-रूस सहयोग का एक और संभावित क्षेत्र रेलवे इंजीनियरिंग बताया। इसमें रेलवे ट्रैक का आधुनिकीकरण, नई लाइनों का निर्माण, डिजिटल प्रणालियों का विकास और रोलिंग स्टॉक की आपूर्ति शामिल है।

उन्होंने यह भी कहा कि रूसी कंपनियां भारत की राष्ट्रीय नीतियों का सम्मान करते हुए स्थानीयकरण कार्यक्रमों में भाग लेने और साझेदारों के साथ सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
Tags :