30 नवंबर 2025। AI की लड़ाई में Google ने फिर से एक ऐसा दांव चला है जिसने बाकी दिग्गजों को चौकन्ना कर दिया है। Gemini 3 के लॉन्च के बाद अब OpenAI से लेकर Nvidia और Meta तक सभी कंपनियां खुलकर Google की तरफ देख रही हैं—कभी तारीफ में, कभी चिंता में।
Nvidia ने कहा—खुश भी हैं, लेकिन… हमारी चिप्स अभी भी सबसे आगे
25 नवंबर को Nvidia ने X पर लिखा कि उन्हें Google की तरक्की देखकर खुशी है और वे Google को सप्लाई देते रहेंगे। लेकिन उसी पोस्ट में कंपनी ने एक हल्की चुटकी भी लगा दी—कि Nvidia के GPU, Google के बनाए ASIC चिप्स से ज्यादा पावरफुल, बहुउपयोगी और लचीले हैं।
यानी संदेश साफ है: Google तेज चल रहा है, लेकिन चिप्स की असली दुनिया अब भी Nvidia की ही है।
OpenAI और Salesforce के CEO भी बोले—Google ने बड़ा छलांग मारी
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने Gemini 3 को “शानदार मॉडल” बताया। Salesforce के CEO मार्क बेनिओफ़ तो सीधे बोले कि नया Gemini इस्तेमाल करने के बाद वे ChatGPT पर वापस नहीं जा रहे। उनकी राय में “रीज़निंग, स्पीड, इमेज और वीडियो… सब कुछ पहले से तेज और शार्प” है।
यह माहौल तब बना है जब Google अपने ही Tensor चिप्स पर Gemini 3 को चला रहा है—और यही बड़ी बात है।
Meta भी Google की चिप खरीदने की बातचीत में
The Information ने बताया कि Meta अब Google के Tensor चिप्स खरीदने पर बात कर रहा है। इससे पहले Anthropic ने भी कहा था कि वह Google की टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल करने जा रहा है।
यानी अब सिर्फ AI मॉडल की लड़ाई नहीं है—AI चिप्स की लड़ाई भी खुलकर सामने है।
मार्केट का रिएक्शन भी दिलचस्प
पिछले हफ्ते Google के शेयर 8% चढ़ गए, जबकि Nvidia का स्टॉक हल्का नीचे आया। AI की रेस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का खेल नहीं, बल्कि दुनिया भर के इन्वेस्टर्स और रिटायर्ड लोगों की बचत तक को प्रभावित कर सकती है।
क्यों Google अभी लीड में दिख रहा है
Gemini दुनिया के सबसे बड़े AI चैटबॉट्स में से एक है।
Google हाइपरस्केलर है—यानि क्लाउड पर भारी-भरकम कंप्यूटिंग पावर किराए पर देने वाली गिनी-चुनी कंपनियों में शामिल।
Search, Translate, Maps… ये सेवाएं 20 साल से AI पर बनी हैं।
फिर भी, 2022 में ChatGPT के बाद Google को Code Red तक जारी करना पड़ा था। पर अब Gemini 3 ने कई बेंचमार्क में ChatGPT, Grok और Claude को पीछे छोड़ दिया है।
Tensor बनाम GPU: चिप्स की असली लड़ाई
Google के Tensor चिप्स कस्टम ASIC हैं, जबकि Nvidia और AMD GPU बनाते हैं।
फायदे–नुकसान साफ हैं:
GPUs (Nvidia/AMD):
बहुत ज्यादा पावरफुल
बड़े पैमाने पर ट्रेनिंग और डिप्लॉयमेंट
पूरा सॉफ्टवेयर + हार्डवेयर इकोसिस्टम
डेवलपर्स के लिए आसान
ASICs (Google):
खास कामों के लिए बेहद तेज
ट्रेनिंग और इन्फ्रेंस दोनों में उपयोग
लागत और पावर में फायदा
Google अभी Nvidia को रिप्लेस नहीं कर रहा, लेकिन कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी दिखाती है कि वे Nvidia पर निर्भरता कम करना चाहती हैं।
आगे की तस्वीर
AI की यह दौड़ एक क्लासिक बैलेंस गेम बन गई है। Google ने मॉडल और चिप दोनों में ताकत दिखाई है, Nvidia अब भी बादशाह है, और OpenAI, Meta, Anthropic जैसे खिलाड़ी हर मोड़ पर स्ट्रैटेजी बदल रहे हैं।
एक बात साफ है—AI अब सिर्फ टेक्नोलॉजी की लड़ाई नहीं, बल्कि दुनिया की अगली अर्थव्यवस्था की नींव है। और इसमें कौन आगे निकलता है, इसका असर हर आम इन्वेस्टर तक पर पड़ेगा।














