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मानसून सत्र में UCC समेत आधा दर्जन से अधिक विधेयक पेश करेगी मध्य प्रदेश सरकार

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📍 भोपाल
मानसून सत्र में UCC समेत आधा दर्जन से अधिक विधेयक पेश करेगी मध्य प्रदेश सरकार
भोपाल 11 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में सरकार आधा दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। विभिन्न विभाग इन प्रस्तावित कानूनों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इनमें समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक से लेकर निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन, अग्निशमन सेवाओं और श्रम कानूनों से जुड़े कई अहम बिल शामिल हैं।

सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि जुलाई के दौरान राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। ऐसे में विधानसभा सत्र में UCC विधेयक सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे में शामिल माना जा रहा है।

सत्र में मध्य प्रदेश निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण एवं विनियमन) विधेयक, 2026 भी पेश किया जाएगा। इस प्रस्तावित कानून के तहत राज्य के सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। यदि कोई संस्थान छात्रों की सुरक्षा और निर्धारित मानकों का पालन नहीं करता है, तो उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकेगा। यह कानून लागू होने पर मध्य प्रदेश निजी कोचिंग संस्थानों के लिए अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य कानून होगा।

सरकार मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026 भी सदन में लाने की तैयारी कर रही है। यह विधेयक लंबे समय से लंबित है और इसमें कई बार संशोधन किए जा चुके हैं। वर्तमान में राज्य में अग्निशमन सेवाओं के संचालन के लिए कोई अलग कानून नहीं है तथा आग से संबंधित मामलों का निपटारा नगर निगमों और नगर पालिकाओं के प्रावधानों के तहत किया जाता है।

हाल ही में शहरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभाग को ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंधों पर काम करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई थी कि अधिकांश नगर निगमों के पास ऊंची इमारतों तक पहुंचने में सक्षम आधुनिक अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं हैं।

इसके अलावा विधानसभा में मध्य प्रदेश उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026, विनियोग विधेयक, मध्य प्रदेश नागरिक सुरक्षा संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026, मध्य प्रदेश श्रम संहिता तथा मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश किए जाने की संभावना है।

आगामी मानसून सत्र में इन विधेयकों पर चर्चा के साथ कई महत्वपूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों पर भी विधानसभा में बहस होने की उम्मीद है।
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