🔴 TRENDING NOW!
भोपाल की काली बाड़ी में दुर्गा पूजा का 70वां वर्ष, सुनहरी प्रतिमा और प्रकृति थीम बनी आकर्षण इंदौर अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम डॉ. मोहन का फोकस शहरों के भविष्य पर, जानें कैसे बदलेगी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की तस्वीर राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत में Tesla Roadster की बुकिंग शुरू, ₹5.01 लाख से करना होगा भुगतान, जानें पूरी कीमत बिजनेस मीटिंग से ग्लोबल समिट तक, MICE पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा मध्यप्रदेश भारत स्वस्तिक यात्रा का झाँसी पड़ाव: मोरारी बापू ने कहा, स्वस्तिक का केंद्र बिंदु परब्रह्म परमात्मा हैं, जिनका नाम राम है पासवर्ड था ‘123456’, खतरे में पड़ गई 88 लाख लोगों की पहचान! डीपी वर्ल्ड भारत में दिव्यांग लोगों के लिए गोल्फ के नए अवसर उपलब्ध कराएगा भारत स्वस्तिक यात्रा की ओंकारेश्वर में रामकथा ने आदि शंकराचार्य की आध्यात्मिक विरासत को किया रेखांकित भोपाल में इलेक्रामा रोड शो, भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत बनाने में क्षेत्रीय उद्योगों की भूमिका पर जोर

गूगल ने Apple डिवाइस पर डिफॉल्ट सर्च इंजन बने रहने के लिए 20 अरब डॉलर किए भुगतान

👤
prativad
👁 1832 व्यूज
📍 भोपाल
गूगल ने Apple डिवाइस पर डिफॉल्ट सर्च इंजन बने रहने के लिए 20 अरब डॉलर किए भुगतान
8 मई 2024। हाल ही में सामने आए कोर्ट के दस्तावेजों से पता चलता है कि गूगल ने Apple को कितनी बड़ी राशि का भुगतान किया है ताकि उसके डिवाइस - iPhone, iPad और Mac पर गूगल ही डिफॉल्ट सर्च इंजन बना रहे। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. ने साल 2022 में Apple को सिर्फ इसी सुविधा के लिए 20 अरब डॉलर की भारी रकम का भुगतान किया है।

ये जानकारी उस समय सामने आई है जब अमेरिकी न्याय विभाग गूगल के खिलाफ एक एंटीट्रस्ट मुकदमा चला रहा है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि गूगल इस तरह के अरबों डॉलर के करारों के जरिए सर्च इंजन बाजार में अपना एकाधिकार बनाए हुए है। Apple डिवाइस पर डिफॉल्ट सर्च इंजन बनकर गूगल को यूजर ट्रैफिक और उसी के चलते सर्च से होने वाली विज्ञापन आय के मामले में काफी फायदा होता है।

इससे पहले, अनुमान लगाए जा रहे थे कि गूगल, Apple को सर्च एक्सक्लूसिविटी के लिए सालाना लगभग 18 अरब डॉलर का भुगतान करता है। लेकिन खोले गए दस्तावेजों से पता चलता है कि यह रकम 20 अरब डॉलर के करीब है। इससे पता चलता है कि Apple यूजर्स के लिए डिफॉल्ट सर्च इंजन बने रहने को गूगल कितना महत्व देता है।

गूगल के खिलाफ मुकदमे में यह दलील दी गई है कि इस तरह के करार प्रतिस्पर्धा को कम करते हैं और यूजर्स के विकल्पों को सीमित करते हैं। डिफॉल्ट सर्च इंजन गूगल होने के कारण, यूजर्स शायद ही किसी दूसरे सर्च इंजन को आजमाएंगे जो संभवतः उन्हें अलग फीचर्स या प्राइवेसी सुरक्षा दे सकता है।

इस मुकदमे के फैसले का भविष्य में सर्च और ऑनलाइन विज्ञापन के क्षेत्र पर काफी असर पड़ सकता है।
Tags :