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भारत सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, संस्‍कृति, चितंन और परंपराओं का समुच्‍चय : श्री गौतम

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भारत सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, संस्‍कृति, चितंन और परंपराओं का समुच्‍चय : श्री गौतम
पंडित कुंजीलाल दुबे राष्‍ट्रीय संसदीय विद्यापीठ के वार्षिक पुरस्‍कार वितरण समारोह में बोले विधानसभा अध्‍यक्ष
संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्‍तम मिश्रा एवं उच्‍च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी दिया उद्बोधन

भोपाल 06 दिसंबर 2022। मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्‍यक्ष श्री गिरीश गौतम ने मंगलवार को विधानसभा भवन के मानसरोवर सभागार में पंडित कुंजीलाल दुबे राष्‍ट्रीय संसदीय विद्यापीठ द्वारा स्‍कूल एवं महाविद्यालयीन छात्रों के लिए आयोजित संसदीय ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्‍य से आयोजित विभिन्‍न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को वार्षिक पुरस्‍कार वितरण समारोह के अंतर्गत पुरस्‍कृत किया। इस अवसर पर प्रदेश के गृह एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्‍तम मिश्रा, उच्‍च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, विधायक श्री अशोक रोहाणी, विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव श्री ए.पी.सिंह, भोज मुक्‍त विवि के कुलपति डॉ. संजय तिवारी, संसदीय विद्यापीठ की संचालक डॉ. प्रतिभा यादव के साथ ही गणमान्‍य जन एवं स्‍कूलों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्रा उपस्थित थे।

विजयी छात्रों एवं संसदीय विद्यापीठ को बधाई देते हुए श्री गौतम ने कहा कि छात्रों के बीच प्रतियोगिता के लिए जिन विषयों का चयन किया गया वे सभी अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण एवं प्रासंगिक थे। इस तरह के आयोजन से युवाओं को अपने देश की संसदीय प्रक्रिया एवं परंपराओं की जानकारी होती है।

श्री गौतम ने कहा कि आज पूरे देश के भीतर एक बड़ी बहस चल रही है, राष्‍ट्रवाद पर। मेरा मानना है कि राष्‍ट्र का मतलब सिर्फ भूमि का टुकड़ा ही नहीं होता, वह वहां रहने वाले लोगों की संस्‍कृति, उनकी चिंतन परंपरा, उनके ज्ञान दर्शन का समुच्‍चय मिलकर एक राष्‍ट्र कहलाता है, जो कि हमारा भारत राष्‍ट्र है। इसीलिए पूरी दुनिया में केवल हमारा ही राष्‍ट्र है जिसे हम भारत माता के नाम से जाना जाता हैं।

उन्‍होंने कहा कि नई शिक्षा नीति आज देशभर में लागु हो गई है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्‍य सिर्फ किताबी ज्ञान उपलब्‍ध कराना नही है, इसका उद्देश्‍य भावी पीढ़ी का समग्र विकास करना है। नई शिक्षा नीति के माध्‍यम से हम यह बताना चाहते हैं कि हमारा वास्‍तविक इतिहास क्‍या है। आज इतिहास को फिर से लिखे जाने की जरूरत है। अब तक जो इतिहास पढ़ाया जा रहा है उसमें उन्‍हें महान राजा बताया गया है जिन्‍होंने बाहर से आकर हमें गुलाम बनाने का कार्य किया, जबकि गौरवगाथा उनकी पढ़ी जाए जिन्‍होंनें राष्‍ट्र की रक्षा के लिए प्राण न्‍यौछावर कर दिए थे।

श्री गौतम ने कहा कि इन दिनों अभिव्‍यक्ति की स्‍वंतत्रता पर बड़ी बहस चल रही है, हमारे लोकतंत्र में यह अधिकार है लेकिन स्‍वतंत्रता की भी एक सीमा होना चाहिए। स्‍वतंत्र रहने का मतलब यह कतई नहीं होता है कि आप निर्धारित नैतिक सिद्धांतों की सीमारेखा लांघ जाएं।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री डॉ.नरोत्‍तम मिश्रा ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में आज सूचनाएं बहुत तेजी से नीचे तक जा रही हैं, सोशल मीडिया और बच्‍चों के हाथ में मोबाइल फोन आने के बाद यह संचार बहुत तेजी से बढ़ा है। आज संसद और विधानसभाओं में होने वाले हंगामे की जानकारी भी बच्‍चों तक पहुंचती है और उनके मानस पटल पर यह बात अंकित हो रही है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि ऐसे में आज अत्‍यंत आवश्‍यक है कि हंगामे से इतर विधायिका की गंभीर जानकारी और संसदीय प्रक्रिया का ज्ञान बच्‍चों तक पहुंचे। संसदीय कार्यमंत्री ने युवापीढ़ी के लिए इस तरह के आयोजन लगातार आयोजित करने पर बल दिया।

कार्यक्रम को उच्‍च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, विधायक श्री अशोक रोहाणी विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री ए.पी.सिंह, भोज विवि के कुलपति श्री संजय तिवारी ने भी संबोधित किया। संसदीय विद्यापीठ की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी संचालक डॉ. प्रतिमा सिंह द्वारा दी गई।

कार्यक्रम में युवा संसद प्रतियोगिता विद्यालयीन का प्रथम पुरस्‍कार शासकीय- नवीन उमावि चूनाभट्टी भोपाल, अशासकीय- सेज इंटरनेशन स्‍कूल भोपाल, युवा संसद प्रतियोगिता महाविद्यालयीन स्‍तर प्रथम पुरस्कार शासकीय- माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल अशासकीय- भोपाल स्कूल ऑफ सोशल साईन्सेज, भोपाल, विद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता प्रथम पुरस्कार श्री अनुज चिदार, ग्यारहवीं सरस्वती बाल मंदिर उ.मा.वि. बागदिलकुशा, भोपाल, महाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता प्रथम पुरस्कार कु. स्मृति पंजवानी, एम.ए. चतुर्थ सेमे, जागरण लेक सिटी विश्वविद्यालय, भोपाल, विद्यालीयन निबंध प्रतियोगिता प्रथम पुरस्कार कु. ज्योति मार्को, शा. जगन्नाथ उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय, मंडला, महाविद्यालयीन निबंध प्रतियोगिता प्रथम पुरस्कार श्री अजय कुमार सोनी, शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, पचमढ़ी, संसदीय विषयों पर प्रश्न मंचन प्रतियोगिता प्रथम पुरस्कार सरस्वती बाल मंदिर उ.मा.वि. भोपाल के साथ ही इन्‍हीं प्रतियोगिताओं में द्वितीय, तृतीय एवं सांत्‍वना पुरस्‍कार प्राप्‍त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्‍मानित किया गया।

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