19 दिसंबर 2024। मध्य प्रदेश की दीनदयाल रसोई योजना, जो गरीब और जरूरतमंद लोगों को ₹5 में भोजन उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही है, में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यह योजना राज्य में सामाजिक कल्याण का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है, लेकिन भोपाल नगर निगम के तहत कुछ रसोई केंद्रों में कथित गड़बड़ियों की रिपोर्ट ने इस पहल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समाचार पत्र की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में जानकारी दी कि 25 अक्टूबर 2024 को एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के माध्यम से भोपाल नगर निगम के तहत संचालित दीनदयाल रसोई में अनियमितताओं का मामला संज्ञान में आया। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज करने और भोजन वितरण में धोखाधड़ी के सीधे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच समिति का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भोपाल के कलेक्टर और जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति को प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है, और वर्तमान में जांच प्रक्रिया जारी है।
निविदा प्रक्रिया और जिला स्तरीय समिति की भूमिका
मंत्री ने बताया कि दीनदयाल रसोई योजना के संचालन और निविदा आमंत्रण के लिए शासन द्वारा एक नवीन मार्गदर्शिका जारी की गई है।
जिला स्तर पर एक समिति गठित की गई है, जो रसोई संचालन के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया को अनुमोदित करती है।
यह टेंडर प्रक्रिया समिति के निर्देशानुसार ही पूरी की जाती है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
सरकार ने जांच पूरी होने तक किसी भी ठोस कार्रवाई की घोषणा नहीं की है। हालांकि, इस मामले ने दीनदयाल रसोई योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी संस्थाओं और व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया
दीनदयाल रसोई योजना को गरीबों के लिए एक बड़ी राहत माना जाता है, लेकिन इस तरह की अनियमितताओं के आरोप से जनता में नाराजगी है। सामाजिक संगठनों ने सरकार से जांच प्रक्रिया को तेज करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
दीनदयाल रसोई योजना में अनियमितताओं का मामला, जांच समिति गठित
Place:
भोपाल 👤By: prativad Views: 1205
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